कर्नाटक और मध्य प्रदेश में तख्तापलट की तैयारी!

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नई दिल्ली
लोकसभा चुनाव के परिणाम आने से पहले ही सियासत एक बार फिर गर्मा रही है। देश के दो गैर भाजपा शासित राज्यों कर्नाटक और मध्य प्रदेश में तख्तापलट की तैयारी चल रही है। दरअसल एग्जिट पोल के मुताबिक इस चुनाव में एक बार फिर एनडीए को बड़ी जीत मिलती दिख रही है। जबिक यूपीए को कम सीटें दिखाई जा रही हैं। इस पर और बड़ा झटका तब लगा है जब मध्य प्रदेश में भाजपा ने राज्यपाल से विधानसभा सत्र बुलाने की मांग कर डाली। राजनीतिक गलियारों से खबरें आ रही हैं कि अब यहां भाजपा दोबारा सत्ता पर काबिज होने के लिए अपना दावा पेश करने की तैयारी में है। वहीं दूसरी तरफ कर्नाटक में भी सबकुछ ठीक नहीं है। सीएम कुमारस्वामी ने राजग की जीत का अनुमान जाहिर करने वाले सभी एग्जिट पोल को खारिज कर दिया है। कुमार स्वामी ये भी आरोप लगाया है कि इन एग्जिट पोल के जरिये भाजपा क्षेत्रीय दलों को लुभाने की कोशिश में जुटी है।

इसलिए कर्नाटक में मंडरा रहा खतरा
कर्नाटक में फिलहाल जेडीएस और कांग्रेस की सरकार है। लेकिन पिछले कुछ समय से ही भाजपा सरकार गिराने की तैयारी में जुटी है। हाल में भाजपा नेता बीएस येदियुरप्पा ने था कि आगामी 23 मई के बाद 20 से ज्यादा कांग्रेस विधायक भारतीय जनता पार्टी से में शामिल हो जाएंगे। उनके इस बयान से ही कर्नाटक की सियासत में भूचाल आ गया था। अब एग्जिट पोल के नतीजों के बीच सीएम कुमारस्वामी ने कई ट्वीट करते हुए येदियुरप्पा के बयान को हवा दे दी है। कुमारस्वामी ने कई ट्वीट किए जिनमें उन्होंने लिखा...कृत्रिम तरीके से तैयार की गई मोदी लहर का इस्तेमाल भाजपा 23 मई के परिणाम के बाद किसी कमी को पूरा करने के लिए पहले ही क्षेत्रीय पार्टियों को लुभाने में जुटी है। कुमारस्वामी ने कहा कि एक्जिट पोल एक खास नेता और उसकी पार्टी के पक्ष में एक लहर का झूठा वातावरण तैयार करने का एक प्रयास था। उन्होंने कहा कि एग्जिट पोल को अनावश्यक अधिक महत्व नहीं दिया जाना चाहिए, जो मात्र अस्थायी आंकड़े पेश करता है। आपको बता दें कि अधिकांश एग्जिट पोल में भारतीय जनता पार्टी को राज्य की 28 सीटों में से 18 से 23 सीटें दी गई हैं।

ये है कर्नाटक विधानसभा का गणित
वर्ष 2018 में 224 सीटों वाले कर्नाटक विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को 78 जबकि जेडीएस को 37 सीटें मिली थीं। बसपा के खाते में 1 और अन्य के खाते में दो सीटें आई थीं। राज्य में अभी कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन की सरकार है। जबकि भाजपा के विधायकों की संख्या 104 है। यहां भाजपा को सरकार बनाने के लिए आठ विधायकों का साथ चाहिए।

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