रफाल दस्तावेज लीक हुए: रक्षा मंत्रालय

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नई दिल्ली
रफाल विमान सौदे को लेकर रक्षा मंत्रालय ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर दिया है। केंद्र ने इसके लिए बुधवार को चीफ जस्टिस की बेंच से अनुमति मांगी थी। दरअसल अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कोर्ट से 6 मार्च को कहा था कि रफाल से संबंधित अति महत्वपूर्ण दस्तावेज रक्षा मंत्रालय से चोरी हो गए हैं, लेकिन तीन दिन बाद कहा कि दस्तावेज लीक हुए हैं। इसी मामले में मंत्रालय ने अपना पक्ष रखा है।रक्षा मंत्रालय ने अपने हलफनामे में कहा कि देश की संप्रभुता के साथ समझौता हुआ है। केंद्र सरकार की मर्जी के बगैर रफाल विमान सौदे के अहम दस्तावेज चोरी से ऑफिस से बाहर ले जाया गया और उसकी फोटो कॉपी हुई है। इस घटना का देश की संप्रभुता और विदेशी संबंध पर विपरीत असर पड़ा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी आंतरिक जांच शुरू कर दी गई है। 6 मार्च को खबर आई कि सुनवाई के दौरान अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने शीर्ष अदालत को बताया कि रफाल से संबंधित अति महत्वपूर्ण दस्तावेज रक्षा मंत्रालय से चोरी हो गए हैं। केंद्र ने कहा कि ये वही दस्तावेज हैं, जो मीडिया में दिखाए गए हैं। इसी के आधार पर 36 विमानों की खरीद पर कोर्ट की ओर से सरकार को दी गई क्लीन चिट को चुनौती दी गई है। वेणुगोपाल ने चीफ जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस के.एम. जोसेफ की पीठ को बताया कि इसकी जांच की जा रही है कि दस्तावेजों को पूर्व कर्मचारियों ने चुराया या वर्तमान कर्मचारियों ने। हालांकि बाद में उन्होंने इसपर सफाई दी थी। दस्तावेज चोरी होने की दलील देने के तीसरे दिन अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कहा है कि रफाल सौदे से जुड़े अहम दस्तावेज रक्षा मंत्रालय से चोरी नहीं हुए, बल्कि लीक हुए हैं। उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट में मैंने जो कहा था, उसका मतलब यह नहीं था कि दस्तावेज चोरी हुए हैं। दरअसल मैं यह कहना चाहता था कि याचिकाकर्ताओं ने दस्तावेजों की फोटो कॉपियों का इस्तेमाल किया था जबकि यह दस्तावेज बेहद गोपनीय थे।

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