ईवीएम का विरोध जनादेश का अनादर: अमित शाह

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नई दिल्ली
चुनावी नतीजों से पहले ईवीएम एक बड़ा मद्दा बना हुआ है। ईवीएम पर निपक्ष जहां सवाल खड़े कर रहा है वहीं सत्ता पक्ष इसे विपक्ष की हताशा बता रहा। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने इसे लेकर विपक्ष पर हमला किया है। अमित शाह ने कहा है कि ईवीएम का विरोध जनादेश का असम्मान है, 22 दल हार की आशंका में भारत, उसके लोकतंत्र की छवि खराब कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि मतगणना से पहले चुनाव प्रक्रिया में बदलाव की विपक्ष की मांग असंवैधानिक, कोई भी फैसला सर्वदलीय सहमति के बगैर नहीं लिया जा सकता। शाह ने विपक्ष से सवाल किया कि ईवीएम की विश्वसनीयता पर प्रश्न उठाने वाली इन अधिकांश विपक्षी पार्टियों ने कभी न कभी ईवीएम द्वारा हुए चुनावों में विजय प्राप्त की है। यदि उन्हें ईवीएम पर विश्वास नहीं है तो इन दलों ने चुनाव जीतने पर सत्ता के सूत्र को क्यों सम्भाला? उन्होंने कहा कि मतगणना के सिर्फ दो दिन पूर्व 22 विपक्षी दलों द्वारा चुनावी प्रक्रिया में परिवर्तन की मांग पुर्णत: असंवैधानिक है क्योंकि इस तरह का कोई भी निर्णय सभी दलों की सर्वसम्मति के बिना सम्भव नहीं है। शाह ने एक और सवाल करते हुए पूछा कि विपक्ष ने ईवीएम के विषय पर हंगामा छ: चरणों का मतदान समाप्त होने के बाद शुरू किया। एक्जिट पोल के बाद यह और तीव्र हो गया। एक्जिट पोल ईवीएम के आधार पर नहीं बल्कि मतदाता से प्रश्न पूछ कर किया जाता है। अत: एक्जिट पोल के आधार पर आप ईवीएम की विश्वसनीयता पर कैसे प्रश्न उठा सकते है?

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