सबरीमला मंदिर में महिलाओं की एंट्री पर रोक नहीं लगाएंगे: मुख्यमंत्री

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नई दिल्ली
केरल के सबरीमला मंदिर का मामला इन दिनों गरमाया हुआ है। सरकार ने साफ कहा दिया कि सबरीमला मंदिर विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ वह रिव्यू पिटीशन नहीं लगाएगी। प्रदेश के मुख्यमंत्री पी विजयन ने कहा कि इस मामले में मंदिर का प्रबंधन देखने वाले त्रावणकोर देवस्वाम बोर्ड ने भी रिव्यू के संबंध में कोई फैसला नहीं किया है। इसलिए, उन्होंने कहा कि हम मंदिर में महिला की एंट्री पर रोक नहीं लगाएंगे। कोर्ट के आदेश के खिलाफ जारी प्रदर्शन पर पी विजयन ने कहा कि महिला श्रद्धालुओं को मंदिर में दर्शन करने से रोकने का अधिकार किसी के पास नहीं है। उन्होंने कहा कि इस मामले के हर पहलू को ध्यान में रखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने फैसला किया है। लिहाजा, हर हाल में लोगों को यह फैसला मानना होगा। उन्होंने कहा कि सरकार का काम कोर्ट के आदेश को लागू करना है। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद से सबरीमाला मंदिर का मामला फिर गरमा गया है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार का फर्ज है कि वह सुप्रीम कोर्ट के फैसले का पालन करे और महिलाओं के दर्शन के लिए जरूरी व्यवस्था करे। उन्होंने कहा कि हम यह सुनिश्चित करेंगे कि महिला श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए सभी जरूरी व्यवस्था की जाए। वहीं, टीडीबी अध्यक्ष ने कहा था कि बोर्ड रिव्यू पिटीशन फाइल करने की दिशा में विचार कर सकता है। बता दें कि बीजेपी और कांग्रेस ने भी सरकार से रिव्यू पिटीशन दायर करने की मांग की थी ताकि मंदिर की परंपरा को सुरक्षित रखा जा सके। बता दें कि टीडीबी अध्यक्ष ए पद्मकुमार ने कोर्ट के फैसले के बाद कहा था, सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद काफी संख्या में महिलाएं मंदिर पहुंच थीं। उन्होंने कहा था कि इतनी संख्या में महिलाएं मंदिर पहुंचेंगी, इसका अनुमान उन्हें बिल्कुल नहीं था। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने ऐतिहासिक फैसले में कहा था कि उम्र और जेंडर के आधार पर किसी को भी दर्शन करने से नहीं रोका जा सकता है। कोर्ट ने कहा था कि सबरीमला स्थित अयप्पा मंदिर में हर उम्र की महिला दर्शन के लिए जा सकती है।

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