शिवराज, वसुंधरा, रमन को भाजपा में मिली नई जिम्मेदारी, शाह ने बनाया राष्ट्रीय उपाध्यक्ष

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नई दिल्ली
तीन महत्वपूर्ण राज्यों में भाजपा के चुनाव हारने के बाद तीनों राज्यों के पूर्व मुख्यमंत्रियों की राज्यों की राजनीति से छुट्टी कर दी गई है। शिवराज सिंह, रमनसिंह और वसुंधरा राजे सिंधिया को केंद्रीय टीम में उपाध्यक्ष बना दिया गया है। ये नियुक्तियां पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की दिल्ली में होने वाली बैठक के ठीक एक दिन पूर्व किया गया है। इसे पार्टी में दूसरी मजबूत लाइन तैयार करने की दृष्टि से देखा जा रहा है। भाजपा ने मध्यप्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान, राजस्थान की पूर्व सीएम वसुंधरा राजे और छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम रमन सिंह को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया है। तीनों को लोकसभा चुनाव के मद्देनजर नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। शिवराज और रमन सिंह लगातार तीन बार मध्यप्रदेश के सीएम रहे। वहीं, वसुंधरा ने 2013 में राजस्थान सीएम पद की कमान संभाली थी। इस बार तीनों नेताओं ने अपनी कुर्सी के हाथों गंवा दी। चुनावी हार के बाद चर्चा थी कि तीनों नेताओं को केंद्रीय राजनीति में लाया जा सकता है। आज इस पर मुहर भी लग गई। पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने तीनों नेताओं को लोकसभा चुनाव के मद्देनजर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त किया है। मध्य प्रदेश में गोपाल भार्गव को सदन में नेता प्रतिपक्ष बनाया गया था तभी साफ हो गया था कि शिवराज को केंद्र की राजनीति में लाया जाएगा। हालांकि, चुनाव में हार के बाद वह कहते नजर आए थे कि मैं मध्य प्रदेश में ही रहूंगा। इसी तरह राजस्थान में वसुंधरा की जगह कैलाश मेघवाल को नेता विपक्ष बनाए जाने की चर्चा थी। शिवराज सिंह मध्यप्रदेश में तीन बार मुख्यमंत्री बन चुके हैं। राज्य के संगठन पर मजबूत पकड़ रखने वाले शिवराज सिंह केंद्र में पार्टी संगठन को मजबूती दे सकते हैं। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह की कामकाज की शैली पार्टी को लाभ पहुंचा सकती है। जबकि राजस्थान की मुख्यमंत्री रहीं वसुंधरा राजे की पार्टी संगठन के कुछ नेताओं से गहरे मतभेद होने की बात कही जा रही थी। ऐसे में लोकसभा चुनाव के ठीक पहले पार्टी ने उन्हें राज्य संगठन से उठाकर केंद्रीय संगठन में जगह दी गई है।

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