संसद में राम मंदिर के लिए कानून बनाने को विहिप ने बनाया दबाव

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नई दिल्ली
इसी महीने से राम जन्मभूमि मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट की शुरू होने जा रही सुनवाई के पहले विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने मंदिर का जल्द निर्माण सुनिश्चित करने के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया है। विहिप के बैनर तले साधु-संतों के एक प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति से मिलकर संसद में कानून बनाकर मंदिर निर्माण का रास्ता साफ करने का अनुरोध किया। विहिप के कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने साफ कर दिया कि कानून बनाकर मंदिर निर्माण की मांग सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई के खिलाफ नहीं है। राम मंदिर का मुद्दा गरमाना यूं तो चुनाव से ही जोड़ा जाएगा लेकिन आलोक कुमार ने इसे केवल आस्था और लंबे इंतजार के बाद कार्रवाई से जोड़ा। उन्होंने कहा कि विहिप की यह मांग सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई के विरोध में नहीं है और उन्हें अदालत पर पूरा भरोसा है। इसी भरोसे के कारण है कि उडुपी की धर्म संसद में सुप्रीम कोर्ट के फैसले तक कोई आंदोलन नहीं करने का निर्णय लिया गया था। विहिप को उम्मीद थी कि मुख्य न्यायाधीश जस्टिस दीपक मिश्रा अपने कार्यकाल में ही इस पर फैसला सुना देंगे। लेकिन मंदिर के खिलाफ खड़ी मायावी ताकतों ने ऐसा नहीं होने दिया। अदालत के भीतर तरह-तरह के प्रपंच किये गए। केस से कहीं से संबंध नहीं रखने वाले विषय भी उठाए गए। आखिरकार जस्टिस दीपक मिश्रा के समय फैसला नहीं हो पाया। विहिप को आशंका है कि सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई को टालने के लिए नए सिरे से तिकड़म किये जा सकते हैं, इसीलिए कानून बनाकर जल्द मंदिर निर्माण का रास्ता साफ होना चाहिए।

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