राजस्थान को गर्मियों के मौसम में भी यमुना जल मिलेगा: राजे

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नई दिल्ली
मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने अपर यमुना बेसिन में यमुना नदी पर प्रस्तावित लखवाड़ बहुद्देश्यीय अन्तरराज्यीय परियोजना के अन्तर्गत केन्द्रीय जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्री नितिन गडकरी की उपस्थिति में मंगलवार को नई दिल्ली के नेशनल मीडिया सेन्टर में राजस्थान सहित छह राज्यों उत्तरा खण्ड, उत्तर प्रदेश हरियाणा हिमाचल प्रदेश एवं दिल्ली के मध्य हुए एमओयू पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा है कि इस समझौते से राजस्थान को गर्मियों के मौसम में भी पेयजल एवं सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध होगा। साथ ही राजस्थान के हक का पानी भी सुरक्षित रहेगा। राजे ने केन्द्रीय जल संसाधन मंत्री गडकरी को बधाई देते हुए कहा कि पिछले 42 वर्षों से अटकी इस महत्वाकांक्षी 4 हजार करोड़ रुपये की राष्ट्रीय महत्व की परियोजना से राजस्थान जैसे सूखा प्रभावित प्रदेश की जनता को साल में अधिक महीनों तक पानी मिल सकेगा। जिससे भीषण गर्मियों के महीनों में पेयजल संकट की विषम परि स्थितियों से राहत मिल सकेगी। मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि लखवाड़ परियोजना की तर्ज पर ही रेणुकाजी एवं किशाऊ परियोजनाओं पर भी शीघ्र ही एग्रीमेंट हो सकेंगे। उन्होंने कहा कि अपर यमुना क्षेत्र मे बांध बनने से जहां एक और बाढ़ पर नियंत्रण हो सकेगा वहीं पानी से बिजली पैदा होने के साथ-साथ गर्मियों में पीने का पानी एवं सिंचाई का पानी उपलब्ध हो सकेगा। इस अवसर पर राजे ने केन्द्रीय जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्री नितिन गडकरी की उपस्थिति में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से अनुरोध किया कि वे ताजेवाला हैडवक्र्स से राजस्थान को मिलने वाले 1917 क्यूसेक्स पानी के एग्रीमेंट पर शीघ्र हस्ताक्षर करें, ताकि 270 किमी लम्बी पाइप लाइन के माध्यम से राजस्थान के झुंझुनूं एवं चूरू जिले के लिये पीने एवं सिंचाई का पानी यथाशीघ्र लाया जा सके। करीब 20 हजार करोड़ रुपए की इस परियोजना के लिए सितम्बर माह तक डीपीआर तैयार कर ली जाएगी। इस मौके पर राजस्थान के जल संसाधन मंत्री डॉ. रामप्रताप एवं विभाग के प्रमुख सचिव शिखर अग्रवाल भी मौजूद थे।

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