तेलंगाना विधानसभा नहीं होगी भंग, सीएम चंद्रशेखर राव बोले- दिल्ली के आगे सरेंडर नहीं करेंगे

img

नई दिल्ली
तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने राज्य की विधानसभा को भंग करने के सवालों पर चुप्पी तोड़ी है। तेलंगाना राष्ट्र समिति के बैनर तले आयोजित निवेदन सभा रैली में राव ने कहा कि टीआर एस के सदस्यों ने मुझे तेलंगाना के भविष्य निर्माण पर फैसला करने का मौका दिया है। ऐसा कहा जा रहा था कि मैं विधानसभा भंग करना चाहता हूं लेकिन फिलहाल ऐसा कुछ नहीं हैं। राव ने जब विधानसभा भंग नहीं करने की घोषणा की तब पीले झंडे हाथों लिए और पीले रूमाल बांधे पार्टी कार्यकर्ता जनसभा स्थल पर पहुंचे पार्टी की ताकत दिखा रहे हैं। इस बयान के साथ ही राजनीतिक पंडितों का वो कयास भी धरा का धरा रह गया जिसमें कहा जा रहा था कि तेलंगाना में विधानसभा चुनाव अगले साल होने वाले आम चुनावों से पहले हो सकता है।
दिल्ली के आगे नहीं करेंगे आत्मसमर्पण: राव
चंद्रशेखर राव ने कहा कि तमिलनाडु के लोगों को खुद पर और अपने राज्य के नेताओं पर भरोसा है। वो अपनों के साथ शासन चाहते हैं। उन्होंने कहा कि हम इसी तरह सत्ता बनाए रखेंगे और दिल्ली नेतृत्व को आत्मसमर्पण नहीं करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैंने जनता से वादा किया था कि अगले विधानसभा चुनाव से पहले मिशन भागीरथ के तहत हर घर में पीने का पानी पहुंचाऊंगा। मैंने कहा था कि अगर ऐसा नहीं कर पाया तो अगला चुनाव नहीं लड़ूंगा। ऐसा कहने की हिम्मत देश में किसी मुख्यमंत्री की नहीं है।
राव कैबिनेट ने लिए बड़े फैसले
राज्य में सत्तारुढ़ तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) की विशाल रैली ' निवेदन सभा' की शुरुआत से पहले के चंद्रशेखर राव मंत्रिमंडल की बैठक में विभिन्न सरकारी योजनाओं को मंजूरी दी गई। मंत्रिमंडल ने अर्चकों (पुजारी) की सेवानिवृति आयु मौजूदा 58 से 65 वर्ष करने, आशा वर्करों की पारिश्रमिक 6000 से बढ़ाकर 7500 रूपए करने और गोपाल मित्र कर्मियों की पारिश्रमिक 3500 रूपये मासिक से 8500 रूपए बढ़ाये जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। कैबिनेट इसके साथ ही हैदराबाद में पिछड़ा वर्ग भवन के निर्माण के लिए 71 एकड़ भूमि और 70 करोड़ रूपए की भी मंजूरी दी है। राज्य सरकार के मंत्री ई राजेन्दर, टी हरीश राव और के श्रीहरि ने बैठक में लिए गए निर्णयों की घोषणा की। मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता की
 

whatsapp mail