हिसार: केस नंबर 430 में भी रामपाल को सुनाई गई उम्रकैद की सजा, महिला की हुई थी हत्या

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नई दिल्ली 
सतलोक आश्रम के संचालक रामपाल को केस नंबर 430 में भी उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। यह केस एक महिला की हत्या से जुड़ा है। मामले में भी आईपीसी की 302, 120 बी व 343 के तहत केस चला था। इस मामले में रामपाल व उसके बेटे विजेंद्र उर्फ विरेंद्र सहित 14 लोगों को 11 अक्तूबर को दोषी करार दिया गया था, इनमें एक महिला भी शामिल है।
एडवोकेट राजीव सरदाना ने बताया कि रामपाल के दोनों मामलों केस नंबर-429 व 430 में कुल 70 गवाह पेश किए गए। केस नंबर 429 में 45 गवाह पेश किए गए, जबकि 430 नंबर केस में 25 गवाह पेश हुए थे। इनमें से अधिकतर गवाह पुलिस अधिकारी और डॉक्टर थे, जो मौके पर मौजूद थे। मामले में एफआईआर दर्ज करवाने वाले छह गवाहों ने बयान बदल दिए थे। यूपी के बिजनौर की 25 वर्षीय रजनी की हत्या के मामले में केस नंबर 430 दर्ज किया गया था। इसमें 14 आरोपी हैं। इस मामले में मुख्य आरोपियों आश्रम संचालक सोनीपत के गांव धनाना निवासी रामपाल, उसका बेटा विरेंद्र उर्फ विजेंद्र, हिसार के गांव उगालन निवासी जोगेंद्र उर्फ बिल्लू, भिवानी के इमलौटा गांव निवासी राजकपूर उर्फ प्रीतम, सोनीपत के गांव बढग़ांव निवासी राजेंद्र व बरवाला की बबीता के अलावा झज्जर निवासी कृष्ण कुमार, हिमाचल के किन्नौर निवासी बलवान व पवन, सोलन निवासी राजीव शर्मा, राजस्थान के समरपुर पाली निवासी राजेश व रमेश, राजस्थान के उदयपुर वासी नटवर लाल उर्फ लक्ष्मण, कुरुक्षेत्र निवासी रामचंद्र शामिल हैं, जिन्हें अदालत द्वारा दोषी ठहराया गया है।

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