पीपीपी एवं सीएसआर मॉडल के माध्यम से स्कूलों में व्यवसायिक शिक्षा के महत्व पर दिया ज़ोर

img

दिल्ली
कौशल भारत मिशन के तहत व्यवसायिक शिक्षा को बढ़ावा देने के प्रयास में राष्ट्रीय कौशल विकास निगम ने कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय के तत्वावधान में शुक्रवार को पीपीपी मॉडल के तहत भारतीय कारोबारों और कोरपोरेट्स से प्राप्त सीएसआर फंड के ज़रिए स्कूलों और कॉलेजों में कुंसकपस्कोलन एजुकेशन तकनीक के इस्तेमाल के लिए स्किल ऐड इण्डिया के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। स्किल ऐड इण्डिया कुंसकपस्कोलन एजुकेशन स्वीडन एबी और भारत के मानव रचना शैक्षणिक संस्थान के बीच संयुक्त उद्यम है। एनएसडीसी ने इलेक्ट्रॉनिक्स जगत के दिग्गज सोनी इण्डिया और स्किल ऐड के साथ भी साझेदारी की है, जिसके तहत रीटेल सेक्टर में उम्मीदवारों को उद्योग उन्मुख कौशल और रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे। स्किल ऐड इण्डिया द्वारा यह प्रशिक्षण केईडी तकनीक से हाई-टेक क्लासरूम्स में प्रशिक्षित प्रशिक्षकों द्वारा दिया जाएगा। साथ ही उम्मीदवारों को प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना या शुल्क आधारित मॉडल के तहत एनएसडीसी के प्रशिक्षण साझेदारों के द्वारा प्रशिक्षण एवं प्लेसमेन्ट के अवसर भी दिए जाएंगे। नई दिल्ली में कोरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व पर आयोजित एक अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान दोनों समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए। डॉ महेन्द्रनाथ पाण्डेय, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्री ने सम्मेलन के दौरान आयोजित एक विशेष सत्र की अध्यक्षता की, जिसका विषय था कौशल विकास एवं शिक्षा के लिए सीएसआर फंड के प्रभावी विकास के परिप्रेक्ष्य' जहां स्कूलों और संस्थानों में व्यवसायिक शिक्षा के महत्व पर ज़ोर दिया गया, साथ ही कौशल विकास प्रोग्रामों को बढ़ावा देने के लिए पीपीपी मॉडल और सीएसआर की भूमिका पर रोशनी डाली गई ताकि युवाओं के लिए व्यवसायिक प्रशिक्षण को अधिक प्रभावी एवं महत्वाकांक्षी बनाया जा सके। सामाजिक उत्तरदायित्व के द्वारा कौशल विकास में योगदान के लिए कोरपोरेट्स से आग्रह करते हुए डॉ महेन्द्र नाथ पाण्डेय, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्री ने कहा, ''कौशल भारत मिशन को बढ़ावा देने के लिए मैं चाहूंगा कि कोरपोरेट्स आगे आएं और अपने सीएसआर फंड के ज़रिए स्थायी प्रणाली में योगदान दें। हम इस क्षेत्र में सकारात्मक विकास देख पा रहे हैं, यह देखकर अच्छा लगता है कि निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ रही है। कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय में हम राष्ट्रीय कौशल विकास निगम के साथ मिलकर सुनिश्चित करेंगे कि इन संगठनों को पूरा सहयोग मिले और उनके साथ साझेदारी के द्वारा देश की कौशल प्रणाली को सशक्त बनाया जा सके। देश को कौशल की दृष्टि से दुनिया की राजधानी बनाने के लिए माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने कंपनियों के लिए प्रभावी सीएसआर प्रावधान सुझाया है और मुझे विश्वास है कि इस तरह के प्रयासों के साथ हम उद्यमशीलता को बढ़ावा दे सकेंगे और दुनिया को कुशल कार्यबल उपलब्ध कराने वाले सबसे बड़े प्रदाता होंगे। श्री पेजे एमिलसन, संस्थापक और कार्यकारी चेयरमैन- कुंसकप्सकोलन स्वीडन एबी ने कहा, ''कुशल मैनपावर देश के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। सोनी के साथ यह कऱार देश के युवाओं को रोजग़ार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने में मुख्य भूमिका निभाएगा और उन्हें कौशल एवं लर्निंग क्षमता प्रदान कर जीवन में सफलता हासिल करने में मदद करेगा। इस अवसर पर डॉ मनीष कुमार, एमडी एवं सीईओ, राष्ट्रीय कौशल विकास निगम ने कहा, ''मेरा मानना है कि सोनी इण्डिया और स्किल ऐड इण्डिया के साथ ये साझेदारियां हमारे युवाओं को स्थायी आजीविका उपलब्ध कराएंगी, उनके कौशल एवं दक्षता में सुधार लाएंगी। हमें उम्मीद है कि यह कऱार उम्मीदवारों और रीटेल उद्योग दोनों के लिए फायदेमंद साबित होगा। इस अवसर पर डॉं प्रशांत भल्ला, प्रेज़ीडेन्ट, मानव रचना ने कहा, ''स्किल ऐड एनएसडीसी की प्रणाली से प्रशिक्षित उम्मीदवारों को सोनी के साथ जोड़कर उन्हें नियमित रोजग़ार प्रदान कर रहा है। इस अन्तराष्ट्रीय सम्मेलन में डॉ महेन्द्र नाथ पाण्डेय, माननीय कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्री; श्री पेजे एमिलसन, संस्थापक चेयरमैन, कुंसकप्सकोलन, स्वीडन; डॉ मनीष कुमार, मैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ एक्जक्टिव ऑफिसर, एनएसडीसी; डॉ प्रशांत भल्ला, चेयरमैन, एसोचैम और चांसलर, मानव रचना; श्री फ्रीडरिक वीडेल, एमडी, ओरिफ्लेम इण्डिया तथा उद्योग जगत से अन्य दिग्गज और सीएसआर लीडर्स शामिल थे। नवम्बर 2017 में एनएसडीसी ने अग्रणी स्वीडिश कंपनी कुंसकप्सकोलन के साथ एक पायलट परियोजना की शुरूआत की, जिसे इसके केईडी प्रोग्राम के लिए जाना जाता है। इस परियोजना के तहत हरियाणा के 100 स्कूलों में केईडी तकनीक से 200 से अधिक अध्यापकों को शिक्षित किया गया। इस पायलट परियोजना को आगे बढ़ाते हुए अन्य राज्यों में विस्तार के लिए आज स्किल ऐड के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर एिक गए हैं। इस साझेदारी में तीन क्षेत्रों पर ध्यान दिया गया है- केईडी तकनीक से स्कूलों में कौशल विकास को बढ़ावा देना, जिससे स्कूली शिक्षा बीच में ही छोडऩे वाले छात्रों के रोजग़ार कौशल में सुधार किया जा सकेगा; विभिन्न कौशल विकास परियोजनाएं; और अध्यापकों को उचित प्रशिक्षण देना और भारतीय युवाओं को विश्वस्तर पर रोजग़ार में सक्षम बनाने के लिए विश्वस्तरीय संस्थानों की स्थापना करना। इस प्रशिक्षण की अवधि 35 दिन होगी और प्रशिक्षुओं को सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम भत्ते के मुताबिक रु 10000 से रु 17000 प्रतिमाह का भुगतान किया जाएगा। इस अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन ने कोरपोरेट्स, सरकारी एजेन्सियों, एनजीओ, अकादमियों को एक ऐसा मंच उपलब्ध कराया जहां उन्हें सीएसआर के प्रति अपनी उम्मीदों, महत्वाकांक्षाओं और जि़म्मेदारियों को साझा करने का अवसर मिला। अपनी ओद्यौगिक साझेदारियों और सीएसआर डिविजऩ के माध्यम से एनएसडीसी सीएसआर पहलों में अग्रणी है और कोरपोरेट्स के सीएसआर फंड केे माध्यम से कौशल भारत को सशक्त बनाने के लिए प्रयासरत है। पिछले 3 सालों में एनएसडीसी ने भारत में व्यवसायिक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 70 से अधिक साझेदारों जैसे डैकिन, हीरो मोटोकोर्प, जैक्वार फाउन्डेशन, डीएफएचएल, एसबीआई काड्र्स, इंगरसोल रैंड, श्नाइडर, बलरामपुर चीनी मिल्स आदि के साथ साझेदारी की है। 

whatsapp mail