विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग को दिया ज्ञापन, काउंटिंग से पहले सभी वीवीपैट पर्चियों की गिनती की उठाई मांग

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नई दिल्ली
लोकसभा चुनाव (खत्म होने और एग्जिट पोल) में एक बार फिर मोदी सरकार आने की संभावना जताए जाने के बाद ईवीएम का मुद्दा फिर तूल पकड़ता दिख रहा है। चुनाव के नतीजे आने से पहले ईवीएम और वीवीपैट के मुद्दे पर कांग्रेस, सपा, बसपा, तृणमूल कांग्रेस सहित 22 प्रमुख विपक्षी दलों के नेताओं ने मंगलवार को बैठक की और इसमें ईवीएम से जुड़ी शिकायतों एवं वीवीपैट के मुद्दे पर चर्चा की गई। बैठक के बाद विपक्षी पार्टियों के नेताओं ने चुनाव आयोग को ज्ञापन देकर काउंटिंग से पहले सभी वीवीपैट पर्चियों की गिनती की मांग की है। कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने चुनाव आयोग को ज्ञापन देने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि विपक्षी दलों ने मतों की गिनती से पहले ईवीएम को कहीं और ले जाने पर चिंता व्यक्त की। वहीं, बसपा नेता सतीश चंद्र मिश्रा ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर ईवीएम से जुड़ी गड़बडिय़ां हुई हैं। हम केंद्रीय बलों की तैनाती की मांग करते हैं। वहीं, टीडीपी नेता चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि हमने चुनाव आयोग से जनादेश के सम्मान करने को कहा है। इसमें हेरफेर नहीं किया जाए। इससे पहले विपक्षी दलों ने मतगणना के दौरान किसी भी मतदान केंद्र पर विसंगति पाए जाने की स्थिति में देश भर में सभी विधानसभा क्षेत्रों में ईवीएम के आंकड़ों के साथ वीवीपैट मशीन की पर्ची से मिलान किये जाने की मांग की थी। इस संबंध में अदालत ने मतगणना के दौरान पूरे देश में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के पांच मतदान केंद्रों के ईवीएम आंकड़ों का मिलान वीवीपैट की पर्ची से करने के लिए निर्वाचन आयोग को कहा था, जिससे चुनाव परिणाम आने में देरी हो सकती है। दिल्ली में सभी विपक्षी दल इक_े हुए हैं।
इस बैठक में कांग्रेस से अहमद पटेल, अशोक गहलोत, गुलाम नबी आजाद और अभिषेक मनु सिंघवी, माकपा से सीताराम येचुरी, तृणमूल कांग्रेस से डेरेक ओब्रायन, तेदेपा से चंद्रबाबू नायडू, आम आदमी पार्टी से अरविंद केजरीवाल, सपा से रामगोपाल यादव, बसपा से सतीश चंद्र मिश्रा एवं दानिश अली, द्रमुक से कनिमोई, राजद से मनोज झा, राकांपा से प्रफुल्ल पटेल एवं माजिद मेमन और कई अन्य पार्टियों के नेता शामिल हुए।

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