शिवपाल की रैली में पहुंचे मुलायम

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लखनऊ
शिवपाल यादव की प्रगतिशील समाजवादी पार्टी ने लखनऊ के रमाबाई मैदान में जनाक्रोश रैली की। मुलायम सिंह यादव ने छोटे भाई की इस रैली में शामिल होकर सभी को चौंका दिया। इसमें मुलायम की बहू अपर्णा यादव भी शामिल हुईं। इस दौरान मुलायम ने गलती से शिवपाल की पार्टी की जगह सपा का नाम ले लिया, जिसके बाद वहां मौजूद कार्यकर्ताओं ने नाराज होकर शोर मचाना शुरू कर दिया। यह देखकर शिवपाल भी असहज नजर आए। हालांकि शिवपाल ने मुलायम को संभाला। उन्हें बताया कि यह सपा का मंच नहीं बल्कि प्रगतिशील समाजवादी पार्टी का मंच है। नेताजी ने जो आदेश दिया उसी का पालन किया : मुलायम सिंह ने इस दौरान शिवपाल को बधाई भी दी। उन्होंने कहा, "मैं सिर्फ शिवपाल को जानता हूं और किसी को नहीं। शिवपाल के हाथों में सत्ता की बागडोर आने वाली है। इस दौरान शिवपाल ने किसी का नाम लिए बिना समाजवादी पार्टी के नेताओं पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सपा में न तो नेताजी (मुलायम सिंह) की बात सुनी गई और न ही मेरी सुनी गई। मुझे कोई पद नहीं, सिर्फ सम्मान चाहिए था। शिवपाल ने कहा, नेताजी से पूछकर ही अलग पार्टी बनाई है। नेताजी ने जो आदेश दिया, उसी का पालन किया। नेताजी भी आज यहां हैं। हम हमेशा सपा में नेताजी के साथ ही रहना चाहते थे। नेताजी के साथ हमने 40 साल काम किया। मुख्यमंत्री क्या, मंत्री पद के लिए भी कभी नहीं कहा। राम मंदिर निर्माण को लेकर शिवपाल ने कहा कि मुलायम सिंह यादव 1989 में जब मुख्यमंत्री थे, तब उन्होंने बाबरी मस्जिद को बचाने का काम किया था। लेकिन उसके बाद 1992 में कई दंगे हो गए। आज मुसलमान दुखी हैं। हम उनके साथ हैं। सब अयोध्या में शांति चाहते हैं। विवादित जमीन राम मंदिर का निर्माण नहीं होना चाहिए। बनाना है तो मंदिर सरयू नदी के किनारे बनाया जाए।

शिवपाल का सवाल- कहां गया कालाधन?
शिवपाल ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री मोदी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, जब-जब भाजपा आई, इन्होंने देश को कमजोर करने का काम किया है। भाई को भाई से लड़ाने का काम किया। 56 इंच के सीने को लोग समझ गए हैं। अब उसमें दम नहीं है। कहा था कि 1 के बदले 10 सिर लाएंगे, लेकिन आज सीमा पर जवान शहीद हो रहे है। कहा था कालाधन लाएंगे, कहां रह गया कालाधन?

'जब नेताजी को चोट लगी वे राजनेता बने'
अपर्णा यादव ने कहा, "आज की रैली इस बात का सबूत है कि शेर को चोट नहीं देनी चाहिए, जब नेताजी को चोट पहुंची तो वो शिक्षक से राजनेता बने। अब शिवपाल चाचा को चोट पहुंची है तो देखिए आगे आगे होता है क्या? भारत एक सेक्युलर देश है। हमें पानी, बिजली, सड़क सब चाहिए, पर आज हमको ऐसा कुछ नहीं मिला। आज परिवर्तन का दिन है, 2019 में आप तय करिए कि आपको किसको चुनना है? मैं आभारी हूं कि चाचा ने मुझे बोलने का मौका दिया। मैं तन-मन-धन हर तरह से उनके साथ हूं। 

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