सेना के पराक्रम को नीचा दिखाने वाले लोगों को शर्म आनी चाहियें : मोदी

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कानपुर
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि हमारे घर में ही सेना के पराक्रम को नीचा दिखाने के दिन रात प्रयास किये जा रहे है और ऐसे लोगों को शर्म आनी चाहिये लेकिन उनकों शर्म नहीं आती है। मोदी कानपुर के निरालानगर मैदान में अनेक विकास योजनाओं का शिलान्यास करने के बाद जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कल जम्मू में हुये बम विस्फोट को आतंकवादियों की बौखलाहट का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि क्या यह सेना का अपमान नहीं है,वीरों के पराक्रम का अपमान नहीं है। कुछ लोग यह काम जानबूझकर कर रहे है। मोदी ने कहा कि राजनीतिक स्वार्थ के लिये ये लोग जिस प्रकार की बयानबाजी कर रहे है, इससे देश के दुश्मनों को ताकत मिल रही है। स्वार्थ की राजनीति के चलते मोदी विरोध के कारण हमारे राजनीतिक विरोधी जो बयानबाजी कर रहे है। उसका लाभ आतंकियो के सरपरस्त उठा रहे है। प्रधानमंत्री ने दो दिन पहले लखनऊ में सूखे मेवे बेचने वाले कश्मीरियों के साथ मारपीट का मुद्दा भी उठाया और उसे गलत बताया। उन्होंने पुलवामा आतंकवादी हमलों में शहीद हुये श्याम बाबू तथा बडगाम हवाई दुर्घटना में मारे गये दीपक पांडेय को याद करदोनों को श्रद्धांजलि दी। मोदी ने कहा, पुलवामा हमले के बाद हमारे वीर सेनानियों ने जो पराक्रम दिखाया है उससे आपका सीना चौड़ा हो गया, आपका माथा गर्व से ऊंचा हो गया। भारत में भी दम है यह लगता है या नहीं लगता है, हमारी सेना जो तय करे वह कर सकती है। आप लोग खुश है आपका हौसला बुलंद है। लेकिन बहुत दुखद है कि हमारे घर में ही सेना के पराक्रम को नीचा दिखाने का दिन रात प्रयास किया जा रहा है। ऐसे लोगों को शर्म आनी चाहिये, लेकिन उनको नहीं आती है। प्रधानमंत्री ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुये कहा कि पाकिस्तान को जो अच्छा लगे,पाकिस्तान को जो पसंद आयें ऐसी बाते हिन्दुस्तान में बैठे हुये लोग करे, क्या ऐसे लोगों को माफ कर सकते है? क्या यह सेना का अपमान नही है, वीरों के पराक्रम का अपमान नहीं है। कुछ लोग जो काम जानबूझकर कर रहे है। मैं आजादी की जंग में अहम भूमिका अदा करने वाले इस कानपुर की धरती से आरोप लगा रहा हूं कि राजनीतिक स्वार्थ के लिये जिस प्रकार की बयानबाजी कर रहे है, जिस प्रकार की भाषा का प्रयोग कर रहे है सरकार पर जिस प्रकार के गंदे आरोप लगा रहे है इससे देश के दुश्मनों को ताकत मिल रही है। स्वार्थ की राजनीति के कारण, मोदी विरोध के कारण हमारे राजनीतिक विरोधी जो बयानबाजी कर रहे है उसका लाभ आतंकियों के सरपरस्त उठा रहे है।

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