यूपी सरकार ने नहीं बढ़ाया गन्ना मूल्य

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चुनावी साल में आकर्षक गन्ना मूल्य वृद्धि की आस संजोए रखने वाले किसानों को करारा झटका लगा है। राज्य सरकार ने गन्ना मूल्य में कोई वृद्धि नहीं की है। पेराई सत्र 2018-19 के लिए गन्ना मूल्य यथावत रखा है। पेराई सत्र 2017-18 की तरह इस बार भी अगेती प्रजाति के लिए 325, सामान्य प्रजाति के लिए 315 और अस्वीकृत प्रजाति के लिए 310 रुपये प्रति क्विंटल गन्ना मूल्य रहेगा।
पेराई सीजन प्रारंभ हुए एक माह बीत जाने के बावजूद प्रदेश सरकार गन्ने का राज्य परामर्शी मूल्य (एसएपी) घोषित नहीं कर पाई थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की राजस्थान में चुनावी सभाओं में व्यवस्तता के चलते मंगलवार को कैबिनेट की बैठक नहीं हो पाई थी। लिहाजा, राज्य सरकार ने गन्ना मूल्य की घोषणा कैबिनेट बाई सर्कुलेशन की है। पेराई सीजन 2018-19 में भी किसानों को वहीं गन्ना मूल्य मिलेगा जो सत्र 2017-18 में मिला था। पिछले साल राज्य सरकार गन्ना मूल्य में 3.30 फीसदी बढ़ाया था। तब तीनों श्रेणी के गन्ना मूल्य में 10 रुपये की वृद्धि करते हुए 315, 325 व 310 रुपये क्विंटल रेट घोषित किया गया था। बिजली, खाद, डीजल व कीटनाशकों के दामों में वृद्धि के चलते गन्ना लागत बढऩे से 35 लाख से ज्यादा गन्ना किसानों को रेट में वृद्धि की उम्मीद थी। कैबिनेट के फैसले से उन्हें झटका लगा है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई गन्ना मूल्य निर्धारण कमेटी की बैठक में किसानों से लागत से डेढ़ गन्ना गन्ना मूल्य देने की मांग की थी। सूत्रों के मुताबिक शाहजहांपुर गन्ना शोध परिषद ने गन्ने की लागत 290 रुपये प्रति क्विंटल आंकी है।
 

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