'एक राष्ट्र, एक चुनाव' पर सर्वदलीय बैठक: मोदी ने दिया कमेटी बनाने का प्रस्ताव

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दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को एक देश, एक चुनाव मुद्दे पर राजनीतिक दलों के अध्यक्षों की बैठक हुई। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बताया कि बैठक में 40 पार्टियों को न्योता भेजा था, जिसमें 21 पार्टी के अध्यक्ष बैठक में शामिल हुए। तीन पार्टियों ने इस मुद्दे पर अपनी राय लिखित में भेजी है। प्रधानमंत्री मोदी इस मुद्दे पर सुझाव देने के लिए एक कमेटी बनाएंगे। राजनाथ सिंह ने कहा कि बैठक में शामिल होने वाले ज्यादातर दलों ने इस मुद्दे का समर्थन किया। माकपा-भाकपा की राय अलग है, लेकिन उन्होंने इसका विरोध नहीं किया। उधर, बीजद नेता और ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने कहा कि उनकी पार्टी एक देश, एक चुनाव का समर्थन करती है।

पटनायक, अब्दुल्ला, पवार और रेड्डी हुए शामिल
बैठक में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, राकांपा प्रमुख शरद पवार, शिरोमणि अकाली दल के नेता सुखबीर बादल, बीजद प्रमुख नवीन पटनायक, पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती, वाइएसआर के जगन मोहन रेड्डी भी शामिल हुए।

कांग्रेस सहित कई नेता नहीं हुए शामिल
कांग्रेस, सपा, शिवसेना, बसपा, द्रमुक, तेदेपा और तृणमूल का कोई भी नेता बैठक में शामिल नहीं हुआ। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल चीफ ममता बनर्जी, बसपा प्रमुख मायावती ने भी बैठक में शामिल होने से पहले ही इनकार कर दिया था। लेफ्ट नेता सीताराम येचुरी और डी राजा मोदी की बुलाई इस बैठक में शामिल हुए, लेकिन उन्होंने एक देश, एक चुनाव के मुद्दे का विरोध किया।

ईवीएम पर बैठक बुलाते तो इसमें शामिल होते : मायावती
इससे पहले मायावती ने ट्वीट किया कि ईवीएम को लेकर बैठक बुलाई जाती तो वे उसमें शामिल होतीं। किसी भी लोकतांत्रिक देश में चुनाव कभी कोई समस्या नहीं हो सकती है और न ही चुनाव को कभी धन के व्यय-अपव्यय से तौलना उचित है। देश में 'एक देश, एक चुनाव' की बात वास्तव में गरीबी, महंगाई, बेरोजबारी, बढ़ती हिंसा जैसी ज्वलन्त राष्ट्रीय समस्याओं से ध्यान बांटने का प्रयास व छलावा मात्र है। ईवीएम के प्रति जनता का विश्वास चिन्ताजनक स्तर तक घट गया है। ऐसे में इस घातक समस्या पर विचार करने हेतु अगर आज की बैठक बुलाई गई होती तो मैं अवश्य ही उसमें शामिल होती।

जनता से किए वादे पूरा करें मोदी: अखिलेश
बैठक को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि मोदी को उन वादों पर फोकस करना चाहिए जो उन्होंने जनता से किए हैं। मुझे आशा है कि वे उन वादों को पूरा करने के लिए काम करेंगे। एक देश, एक चुनाव जैसे मुद्दों पर कई पार्टियां कभी तैयार नहीं होंगी।
ममता ने मंगलवार को संसदीय कार्यमंत्री प्रहलाद जोशी को पत्र लिखकर केंद्र सरकार से एक देश, एक चुनाव मुद्दे पर जल्दबाजी न करने और श्वेत-पत्र तैयार करने की बात कही है ताकि सभी प्रमुख नेता श्वेत पत्र पर अपने विचार व्यक्त कर सकें। इसके लिए सभी को पर्याप्त समय भी देना चाहिए। ममता ने यह भी कहा कि अगर आप (मोदी) ऐसा करते हैं, तभी हम सब इस विषय पर अपने सुझाव दे सकेंगे।

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