भगोड़े मेहुल चोकसी की नागरिकता होगी रद्द, भारत वापसी शीघ्र

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नई दिल्ली/एंटीगुआ
पंजाब नेशनल बैंक के घोटाले के आरोपी मेहुल चोकसी के प्रत्यर्पण को लेकर भारत सरकार का दबाव काम आया है। एंटीगुआ सरकार ने पंजाब नेशनल बैंक के घोटाले के आरोपी मेहुल चोकसी की नागरिकता रद करने की बात कही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एंटीगुआ के प्रधानमंत्री गैस्टन ब्राउन ने कहा कि व्यवसायी की नागरिकता रद की जाएगी और उसे भारत को वापस किया जाएगा। हम अपराधियों को संरक्षण नहीं दे सकते हैं। एंटीगुआ की वेबसाइट एंटीगुआ न्यूज रूम ने प्रधानमंत्री गैस्टन ब्राउन के बयान का हवाला देते हुए उक्त जानकारी दी है। वेबसाइट ने लिखा है कि बीते शनिवार को प्रधानमंत्री ब्राउन ने एक रेडियो कार्यक्रम में कहा कि जब चोकसी को नागरिकता दी गई थी तब भारतीय अधिकारियों ने कहा था कि उसका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। अधिकारियों ने यह नहीं बताया गया था कि आर्थिक अपराध में वांछित है। प्रधानमंत्री गैस्टन ब्राउन ने कहा कि लेकिन वास्तव में अब मेहुल चोकसी की नागरिकता रद की जाएगी और उसे भारत को प्रत्यर्पित किया जाएगा। मैं आगे नहीं जाना चाहता इसकी उचित प्रक्रिया है। चोकसी का मामला न्यायालय के समक्ष है। चोकसी को अदालत में जाने और अपना बचाव करने का अधिकार है। मैं आश्वस्त कर सकता हूं कि जब वह अपने सभी कानूनी विकल्पों खो देगा, तब उसे प्रत्यर्पित कर दिया जाएगा। भारत की ओर से मेहुल चोकसी के प्रत्यर्पण की कोशिशें मार्च में शुरू की गई थीं। पंजाब नैशनल बैंक को लगभग 14 हजार करोड़ रुपये की चपत लगाकर विदेश भागने वाले हीरा कारोबारी को भारत लाए जाने के संबंध में बॉम्बे हाईकोर्ट ने भी सोमवार को बड़ा फैसला देते हुए उसके स्वास्थ्य के बारे में अदालत को जानकारी देने के लिए विशेषज्ञों की एक टीम का गठन किया। अदालत ने यह रिपोर्ट इसलिए मांगी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि चोकसी हवाई यात्रा के लिए फिट है या नहीं। यह टीम नौ जुलाई को अपनी रिपोर्ट अदालत में दाखिल करेगी। 
सनद रहे कि प्रवर्तन निदेशालय और सीबीआइ को 60 वर्षीय भगोड़ा चोकसी और उसका भांजे की शिद्दत से तलाश है। नीरव मोदी लंदन की जेल में बंद है। बीते दिनों ब्रिटेन के हाईकोर्ट रॉयल कोर्ट ऑफ जस्टिस ने नीरव मोदी की जमानत याचिका को खारिज कर दी थी। नीरव मोदी का जमानत लेने का यह चौथा नाकाम प्रयास था। ब्रिटेन के हाईकोर्ट यानी लंदन स्थित रॉयल कोर्ट ऑफ जस्टिस'की जज एनग्रिड सिमलर ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा था कि इस बात के ठोस आधार हैं कि 48 वर्षीय भगोड़ा हीरा कारोबारी सरेंडर नहीं करेगा क्योंकि उसकी मंशा भाग जाने की है। 

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