प्रतापगढ़ में बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त

img

प्रतापगढ़
प्रदेश के भीलवाड़ा, बूंदी, बांसवाड़ा व प्रतापगढ़ में शुक्रवार को अच्छी बरसात हुई। प्रतापगढ़ में पिछले तीन दिन से बारिश का दौर जारी है। बांसवाड़ा में माही बांध के 16 गेट 6-6 मीटर तक खोले गए हैं। गेट खोलने से प्रतापगढ़ के पीपलखूंट व धरियावद क्षेत्रों में अलर्ट कर दिया गया है। प्रतापगढ़ में इस सीजन में अब तक कुल 101 इंच बरसात हो चुकी है। इतनी बरसात साल 1981 के बाद पहली बार हुई है। इससे फसलें तबाह हो गईं हैं। वहीं मौसम विभाग ने शुक्रवार व शनिवार को दो दिन 8 जिलों में भारी बारिश तथा सात जिलों में बारिश का अलर्ट है। वहीं राज्य में दिन-रात का तापमान भी बढ़ा है। बीती रात सबसे अधिक तापमान जोधुपर के फलौदी में 30.0 डिग्री रहा। पिछले 24 घंटे में भीलवाड़ा में 15.0, वनस्थली में 66.3, जयपुर में 0.2, कोटा में 58.4, सवाईमाधोपुर में 50.0, डोक में 3.8, माउंट आबू में 5.0, मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। हालांकि राज्य में गर्मी के तेवर तीखे बने हुए हैं। बीती रात 11 शहरों में तापमान 25 डिग्री से ऊपर रहा। सबसे अधिक तापमान फलौदी में 30.0 डिग्री रहा तो सबसे कम तापमान 20.0 डिग्री प्रदेश के एकमात्र पर्वतीय स्थल माउंट आबू में 20.0 डिग्री रहा। मौसम विभाग ने बांसवाड़ा, बारां, भीलवाड़ा, बूंदी, चित्तौडग़ढ़, डूंगरपुर, झालावाड़, करौली, कोटा, प्रतापगढ़, राजसमंद, सवाईमाधोपुर, सिरोही, टोंक व उदयपुर में दो दिन यानी शुक्रवार व शनिवार को भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें बांसवाड़ा, बारां, भीलवाड़ा, बूंदी, डूंगरपुर, झालावाड़, कोटा, प्रतापगढ़ में भारी से भारी बारिश का अलर्ट है। वहीं पश्चिमी राजस्थान में कहीं बारिश का अलर्ट नहीं है। प्रतापगढ़ में इस साल बरसात अपने सारे पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त करती जा रही है। यहां पिछले तीन दिनों से हो रही बारिश के बाद आंकड़ा 101 इंच को पार कर चुका है जो साल 1981 के बाद सार्वाधिक है। जिले में हो रही भारी बारिश से किसानों को काफी नुकसान हुआ है। उड़द, सोयाबीन और मक्का की फसलें पूरी तरह से बर्बाद हो चुकी हैं। कई इलाकों में मार्ग अवरुद्ध होने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक बीते 8 घंटों में 5 इंच से ज्यादा बरसात हो चुकी है। जिले के सभी बांध ओवरफ्लो हैं।

whatsapp mail