ओम बिड़ला होंगे लोकसभा के नये स्पीकर

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मोदी सरकार में मिली राजस्थान के कोटा सांसद को बड़ी जि़म्मेदारी, कोटा से दिल्ली तक जश्न 

नई दिल्ली 
राजस्थान के कोटा से बीजेपी सांसद ओम बिरला को प्रधानमंत्री मोदी ने लोकसभा अध्यक्ष बनाया है। वे हाड़ौती के पहले ऐसे जनप्रतिनिधि हैं जो लोकसभा स्पीकर होंगे। लोकसभा अध्यक्ष के लिए उनका नाम लगभग तय हो चुका है। हालांकि अभी अधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। दोपहर 12 बजे अधिकारिक घोषणा की जाएगी। बिरला अमित शाह के करीबी माने जाते हैं। शीर्ष नेतृत्व ने लोकसभा अध्यक्ष का नाम घोषित कर एक बार फिर से सभी को अपने फैसले से चौंका दिया है। लोकसभा अध्यक्ष का चुनाव आज दोपहर 12 होना है। लिहाजा लोकसभा स्पीकर के पद को लेकर तमाम तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं। चुनाव में जीतकर आए वरिष्ठ नेताओं के नाम पर मंथन चल रहा था। ऐसे में दिग्गजों को पछाड़ बिरला स्पीकर की कुर्सी के नजदीक पहुंच गए हैं।

ओम बिड़ला के राजनैतिक सफर पर एक नजर
17 वी लोकसभा के 17 वे अध्यक्ष ओम बिड़ला की कोटा से छोटी शुरुआत की बहुत बड़ी परिणति है। ओम बिड़ला ने कभी राजस्थान के कोटा में स्कूली संसद से अपना सफऱ शुरू किया और फिर यह यात्रा उन्हें भारत की संसद के स्पीकर पद तक ले गई। सांसद ओम बिड़ला ने अपनी शुरुआती पढ़ाई कोटा से पूरी की। इसके बाद महर्षि दयानन्द कॉलेज से बीकॉम और एमकॉम की डिग्री ली। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत छात्रसंघ चुनाव से की। इस दौरान ओम बिड़ला राजकीय उच्च माध्यमिक विध्यालय गुमानपुरा के छात्र अध्यक्ष भी रहे। वे कोटा के राज. वाणिज्य महाविद्यालय के संयुक्त सचिव भी रहे। 

तीन बार विधानसभा और दो बार लोकसभा के सदस्य बने
वे वर्तमान में कोटा लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र से 17वीं लोकसभा के सांसद हैं। इससे पहले वे 16 लोकसभा का भी हिस्सा रहे। इस दौरान वे कई कमिटी के सदस्य रहे। इसके साथ 2003, 2008 व 2013 में 12वी, 13वी एवं 14वीं राजस्थान विधानसभा के सदस्य रह चुके हैं। अपने कार्यकाल के दौरान बिड़ला 2004 से 2008 तक राजस्थान सरकार में संसदीय सचिव रहे। इसके साथ लगातार छ साल तक अखिल भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रहे। भारतीय जनता युवा मोर्चा राजस्थान प्रदेश के प्रदेशाध्यक्ष रहे।उनकी इस कामयाबी पर सभी ख़ुशी से सरोबार है। कोटा उन दिनों एक ओद्योगिक शहर था और मजदूर आंदोलन के नारे गूंजते रहते थे मगर तभी इस कोलाहल में स्कूली स्तर पर कुछ छात्र नेताओ की आवाजे सुनाई देने लगी। उनमे ओम बिड़ला का नाम भी शामिल था। वे उस वक्त कोटा में गुमानपुरा सीनियर सेकेंडरी स्कूल की छात्र संसद के प्रमुख बने थे। फिर बिड़ला ने अपनी सक्रियता जारी रखी और एक स्थानीय कॉलेज में छात्र संघ अध्यक्ष पद के लिए दाव लगाया. मगर एक वोट से शिकस्त खा गए। पर बिड़ला ने इस पराजय को भूला दिया और अपने काम में लग गए. वे कोटा में सहकारी उपभोक्ता भंडार संघ के अध्यक्ष चुने गए और यह सार्वजनिक क्षेत्र में उनकी पहली जीत हुई। उनके जानकर कहते हैं, वे अवसर हासिल करने और उस मौक़े को अपने हक़ में ढालने की काबलियत रखते हैं। बिड़ला ने कॉमर्स विषय में स्नातकोत्तर तक की तालीम हासिल की है। लेकिन इस पढाई के बावजूद वे सियासत के अच्छे विद्यार्थियों में गिने जाते हैं। वे जमीन से जुड़े नेता हैं जो बीजेपी में जि़ला स्तर तक सक्रिय रह कर विधानसभा होते हुए लोकसभा तक पहुंचे है । वे तीन बार कोटा से विधायक रहे तथा यह संसद में उनकी दुसरी पारी है।

ओम बिड़ला के घर के बाहर जश्न का माहौल
कोटा

कोटा-बूंदी से भाजपा सांसद ओम बिड़ला का 17वीं लोकसभा का स्पीकर बनना तय है। भाजपा की ओर से उनका नाम स्पीकर पद के चुनाव के लिए चुने जाने का पता चला, सैकड़ों की तादाद में समर्थक उनके घर पहुंच गए। समर्थकों ने उनके घर के बाहर ढोल नगाड़ों के साथ आतिशबाजी भी की। इस दौरान सांसद के पिता ने कहा कि बेटे ने देश में बहुत नाम किया। उन्होंने कहा कि वे अपनी खुशी शब्दों में बयां नहीं कर सकते हैं। समर्थकों ने ओम बिड़ला के भाई और परिवार के लोगों को माला पहनाकर बधाई दी। इसके बाद घर के बाहर ही ढोल नगाड़ों पर काफी देर तक जश्न मनाया गया।

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