ईवीएम पर रार: विपक्षी पार्टियों को झटका, ईसी का फैसला बदलने से इंकार

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नई दिल्ली
लोकसभा चुनाव 2019 के परिणाम आने को है। विपक्ष अभी भी ईवीएम के मुद्दे पर अड़ा है वहीं डिनर डिप्लोमेसी के जरिए भाजपा गठबंधन मोदी के नाम पर खड़ा है। लेकिन नतीजों से पहले ईवीएम पर उठते सवाल और वीवीपैट को लेकर मचे बवाल के बीच चुनाव आयोग ने बैठक किया। चुनाव आयोग ने विपक्षी पार्टियों को झटका देते हुए उनकी मांग को खारिज कर दिया है। चुनाव आयोग ने वीवीपैट मिलान की विपक्षी दलों की मांग को नकार  दिया है, जिसमें 50 फीसदी पर्चियों के मिलान की बात कही जा रही थी। एक लंबी मीटिंग के चुनाव आयोग ने बाद कहा है कि वीवीपैट पर्चियों की गिनती में कोई बदलाव नहीं होगा। जिस हिसाब से गिनती होनी थी, उसी हिसाब से होगी। बता दें कि विपक्ष की कई पार्टियों ने चुनाव आयोग से मांग की थी, वीवीपैट की पचास फीसदी पर्चियों का मिलान हो। रिजल्ट से पूर्व देश की धड़कनें लगातार बढ़ रही हैं, नेता परिक्षार्थी की तरह अपने चुनावी परिश्रम का परिणाम पाने को आतुर दिख रहे हैं। साथ ही साथ ईवीएम के मु्द्दे को लेकर आयोग के दरवाजे पर दस्तक भी दे रहे हैं। ईवीएम-वीवीपैट विवाद से जुड़े घटनाक्रम पर एक नजर डालते हैं। लोकसभा चुनाव के दौरान 21 विपक्षी पार्टियों ने हर सीट से 50 फीसदी ईवीएम मशीनों के वीवीपैट से मिलान की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। कोर्ट ने इस याचिका को अव्यवहारिक माना। लेकिन यह आदेश भी दिया कि हर विधानसभा क्षेत्र से 5 ईवीएम मशीनों का वीवीपैट की पर्चियों से मिलान करवाया जाए। सुप्रीम कोर्ट के आठ अप्रैल के आदेश पर आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व में 21 विपक्षी नेताओं ने 24 अप्रैल को एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया और फैसले पर पुनर्विचार की मांग की। जिसपर सुनवाई करते हुए सात मई को सुप्रीम कोर्ट ने विपक्ष दलों की पुनर्विचार याचिका को खारिज कर दिया और कहा, हम नहीं समझते कि आदेश में किसी संशोधन की ज़रूरत है।19 मई को आखिरी चरण के चुनाव के बागद ईवीएम का जिन्न एक बार फिर से चुनावी बोतल से बाहर आ गया। कुछ वीडियो भी सामने आए, स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े किए गए। बिहार की पूर्व उप-मुख्यमंत्री से लेकर प्रियंका गांधी ने एग्जिट पोल और ईवीएम के हेर-फेर के आरोप लगाए। लेकिन ईवीएम पर एक्टिव विपक्ष की तरह आयोग ने भी सतर्कता दिखाते हुए विपक्षी दलों के दावों को खारिज कर दिया। 21 मई को सर्वोतच्य अदालत ने एक गैर सरकारी संगठन 'टेक फार ऑल' की ओर से ईवीएम में पड़े वोटों से वीवीपीएटी की 100 प्रतीशत पर्चियों के मिलान को लेकर दायर याचिका को बकवास कहकर खारिज कर दिया। 21 मई को नायडू समते 22 विपक्षी दलों के नेताओं ने ईवीएम में गड़बड़ी के मुद्दे पर चुनाव आयोग से मुलाकात की। मुलाकात में विपक्षी पार्टियों ने वीवीपीएटी की पर्चियों की पहले मिलान की मांग दोबारा रखी।

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