Dainik Jaltedeep - Latest News in Hindi & Epaper Jodhpur & Jaipur -
  • सर..सर..सरासर... ..

    अगरचे वो मान और सम्मान के लिए  'सर' और 'सरजी' का उपयोग करते तो कत्तई नहीं अखरता। अखरा के हमें किसी से क्या लेन .....

  • चीनी चुटकुला ..

    हम तो समझे थे कि चुटकुले अपने यहां ही प्रचलित हैं। लतीफों का आनंद अपन लोग ही उठाते हैं। आपस में हंसी-ठठ्ठा कर के मा .....

  • पल्लू में नहीं दाने... ..

    साफ दुभांत है। सब देख रहे हैं। सब को सब कुछ दिख रहा है-उसके बावजूद इतना सन्नाटा क्यूं है भाई। कोई गरीब गुरबा उछले त .....

  • शशि ब्रांड बिच्छु ..

    नाम किसी और का लिया। ठप्पा किसी और का ठोका पर बिच्छु किसी और के खाते में चला गया। ऐसा पहली बार नहीं हुआ। पूर्व में भ .....

  • बोतल के निशान को... ..

    अगर आप की रूची राजनीति में रही हो। यदि आप की रूची सियासत में है। अगर आपने बचपने में कभी किसी पंथ-प्रत्याशी के समर्थ .....

  • तडी पड़ी! ..

    इस का मतलब ये हुआ कि 'तड़ी' पड़ ही गई। आशंका तो पहले ही हो गई थी। जिस दिन 'पट्ठ' बजाए उसी दिन लग गया था कि तड़ी .....

  • नसीहतगिरी ..

    ऐसा पहली बार नहीं हो रहा। हथाईबाज महज हथाई नहीं करते। केवल चासे नहीं लेते। कई मसलों-मुद्दों पर सीख भी देते हैं। पह .....

  • तेरा+मेरा=हमारा ..

    हम इससे भी चार कदम आगे बढने और बढाने के पक्षधर। बस चले तो सारे फासले मिटा दें। जानते हैं कि अब ऐसा संभव नहीं हैं, पर .....

  • तेल लेणे ..

    पता नहीं कौन, क्या लेणे के लिए गया है और क्या लेकर आएगा। जिस की उम्मीद की गई, वो मिलेगी या नहीं मिलेगी। इसके बारे में .....

  • एटीएम बाबा की कृपा ..

    क्यूं हुआ। कैसे हुआ। ऐसा कैसे हो गया। ऐसा नहीं होना चाहिए था-हो कैसे गया। आगे भी ऐसा होता रहा तो मोरिए बिक जाणे हैं .....

  • दोहरा रिकॉर्ड ..

    हार तो हार है और जीत तो जीत। अंतर भले ही कितना हो। है तो हार या है तो जीत। अंतर-जोरदार हो तो रिकॉर्ड और कम से कमतर हो त .....

  • पंटाणे के दिन... ..

    जो लोग 'अच्छे दिन आने वाले हैं' के झांसे में आए, वो आए होंगे। जिन लोगों ने 'अच्छे दिन.. आ गए..' का नारा लगाया, उन .....

  • अच्छा हिन्दू-बुरा हिन्दू ..

    लो भाई, अब हिन्दु बुरे और अच्छे में बांटे जा रहे हैं। वो फैसला करेंगे कि कौन अच्छे हैं और कौन बुरे। वो हिन्दुओं को इ .....

  • करे कोई... को धोबी पटका ..

    बातें तो भतेरी है, पर यहां दो बातों का जिक्र करना जरूरी। वो इसलिए कि उन दो बातों ने टे्रक पकड़ लिया तो मामला नक्की। .....

  • 'आम' किरोड़ी तो 'खास'! ..

    कौन जानता था कि जिस से हम भागते रहे वो रह-रह के सामने आ कर चिढ़ाता रहेगा। स्कूली शिक्षा जस-तस पूरी हुई तो लगा कि शांत .....

  • टिंडी-भिंडी सर ! ..

    पहली बात तो ये कि बड़े लोचे हैं इस राह में। ऐसा तो हैं नहीं कि फरमान जारी करते ही काम शुरू हो जाएगा। इधर आदेश जारी हु .....

  • भैंसों का अपहरण ..

    बात यहां तक पहुंच जाएगी इसका अंदाजा किसी को नहीं था। खुद मालिक ने नहीं सोचा था कि यह दिन देखने पड़ जाएंगे। एक चमाट .....

  • 'जीव सोरो' ..

    कसम से आज एक बार फिर जीव सोरा हो गया। मन को सुकून मिला। शांति मिली। आपणी भाषा को जो सम्मान मिला उससे दिल बगीचा-बगीच .....

  • जिनावरगिरी ..

    राम जाने ऐसी जानवरिया करतूतों से कब छुटकारा मिलेगा। देश डिजिटल हो रहा है। हम इक्कीसवीं सदी में विचरण कर रहे है।   .....

  • टीन-टप्पर बिकने के दिन ..

    आखिर बारी आ ही गई। बकरे की मां कब तक खैर मनाती की तर्ज पर भैंसियां कब तक वीआईपी सुविधाओं का फायदा उठाती। एक ना एक दि .....

  • फोड़ेबाज को फोड़ो ..

    समय आ गया है, अब उन को जाग जाना चाहिए। वो जहरीले, सांपों को दूध कब तक पिलाते रहेंगे। वो उन्हें पाल-पोस रहे हैं। पनाह .....

  • खिसियाए इमरान खंभा नोंचे ..

    इस के माने उस में भी परिवर्तन करना पड़ेगा। जानते हैं कि हमारे कहने-लिखने से स्थायी बदलाव नहीं होने वाला, तो उसका क् .....

  • काहे की बात... ..

    अच्छा हुआ जो बात करने से इंकार कर दिया। दो-चार लातें और पड जाती तो उससे भी ज्यादा अच्छा होता। लूण-लक्खण ऐसे ही रहे त .....

  • जिन के घर शीशे के हों... ..

    कांगरेसी राजी हुए होंगे तो हुए होंगे। चंगुओं-मंगुओं ने तालियां कूटी होंगी तो कूटी होंगी। समझदारों को तो कत्तई नह .....

  • पल्लू में नहीं दाने... ..

    आखिर वही हुआ जिसकी संभावना पहले ही जता दी गई थी। वैसा होने की उम्मीद भी नहीं थी, उसकी आशंका भी बयान कर दी थी पर चमत्क .....

  • बेटों की जानवरपंथी ..

    कवि कहता है-'आदमी मुसाफिर है.. आता है..जाता है। उस की बात सौ टका सच है और सच को कोई नकार नहीं सकता। नकारने वाले नकार .....

  • भागा-भगाया ..

    लगता है कि सांप निकलने के बाद लाठी पीटना हमारी आदत बनता जा रहा है। लग तो आप को भी रहा होगा। क्यूं नहीं लगेगा। काहे न .....

  • जागो अभिभावकों, जागो ..

    पता नहीं आगे चल कर क्या और कैसा होगा। टेम पे चेत गए तो सब का  भला है, नहीं चेते तो नतीजे सामने हैं। जो भविष्य में हो .....

  • पीएम आवास से तबेले की ओर ..

    अगर होनी है तो होनी है। कब होगी, इस का पता नहीं। इत्ती उम्मीद जरूर रखते हैं कि गमी के बखत तो नहीं होनी है। ऐसे बखत मे .....

  • मरवा दिया वॉट्सएप ने ..

    किसे पता था कि बात यहां तक पहुंच जाएगी। पहले बने-बनाए के टूटने बिखरने की खबरें आईं। अब बनने से पहले ही बिखराव शुरू .....

  • रईस चोर ..

    शीर्षक पढकर कई लोगों के दिमाग में धुआं उठ रहा होगा। कई के दिमाग में भाप बन रही होगी। कई के दिमाग में कौंध रहा होगा क .....

  • न्योते से पहले पंगा ..

    ऐसा पहली बार नहीं हुआ, कई बार हो चुका है। नही होने को हो तो मीडिया होने से जोडऩे में माहिर। होने को हो तो सवालों का प .....

  • अच्छा लगा-बुरा भी ..

    अच्छा लगा। बहुत अच्छा लगा। वो इसलिए कि बात ही कुछ ऐसी थी। और अच्छा लगने की गुंजाइश बहुत है। ऐसा हुआ तो इससे ज्यादा .....

  • बांडी खोपड़ी की उपज ..

    असल में वो जुमला 'बांडी खोपड़ी' वालों पर लागू होना चाहिए। ऐसे लोगों पर लागू होना चाहिए जो अपना दिमाग अंट-शंट ब .....

  • आयौ कुण-आवेला कुण! ..

    बाबा ने बात ही ऐसी की कि हंसी फू ट पड़ी। मन तो किया कि बुक्का फाड़ के हंसे। खिलखिला के हंसे, पर हंसी रोकनी पडी। ऐसा क .....

  • हारे सो हरि... जीते सो हरि... ..

    अपन को क्या फरक पड़ता है। जिन्हें पड़ा, उन्हें पड़ा। जिन्हें पड़ेगा, उन को पड़ेगा। इस में हैरत की क्या बात है। दो ज .....

  • आदेश की ऐसी-तैसी ..

    कागद हाथ में आते ही आशंका हो गई थी कि चिंदिया बिखरनी है। कागद के टुकड़े हजार होगे कोई इधर गिरेगा-कोई उधर। किसी ने न .....

  • उलटी गंगा ..

    कोर्ट तो खैर कोर्ट है। कोर्ट का फैसला सर्वोपरि। वहां आकर अच्छो-भलों की सूथण ढीली हो जाती है। हम भी अदालतों को सेल् .....

  • पहले एका-फिर चेहरा ..

    हम ने तो पहले ही कहा था। एक बार नहीं, बार-बार कहा था। कई बार कहा था, पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। सोचा कि इन की बातों पर .....

  • कश्मीरी विभीषण ..

    हमें नहीं लगता कि ''भाई" मर गए। लोगबाग पुतले फूंक कर भले ही राजी होते होंगे। ऐसा आए साल होता है। हर साल होता है .....

  • खबर की खनक ..

    खबरों की खनखनाहट होना नई बात नहीं है। बात निकलेगी तो दूर तलक जाएगी। यहां तो खबर है। खबर प्रिंट मीडिया में छपे या इल .....