• पल्लू में नहीं दाने... ..

    आखिर वही हुआ जिसकी संभावना पहले ही जता दी गई थी। वैसा होने की उम्मीद भी नहीं थी, उसकी आशंका भी बयान कर दी थी पर चमत्क .....

  • बेटों की जानवरपंथी ..

    कवि कहता है-'आदमी मुसाफिर है.. आता है..जाता है। उस की बात सौ टका सच है और सच को कोई नकार नहीं सकता। नकारने वाले नकार .....

  • भागा-भगाया ..

    लगता है कि सांप निकलने के बाद लाठी पीटना हमारी आदत बनता जा रहा है। लग तो आप को भी रहा होगा। क्यूं नहीं लगेगा। काहे न .....

  • जागो अभिभावकों, जागो ..

    पता नहीं आगे चल कर क्या और कैसा होगा। टेम पे चेत गए तो सब का  भला है, नहीं चेते तो नतीजे सामने हैं। जो भविष्य में हो .....

  • पीएम आवास से तबेले की ओर ..

    अगर होनी है तो होनी है। कब होगी, इस का पता नहीं। इत्ती उम्मीद जरूर रखते हैं कि गमी के बखत तो नहीं होनी है। ऐसे बखत मे .....

  • मरवा दिया वॉट्सएप ने ..

    किसे पता था कि बात यहां तक पहुंच जाएगी। पहले बने-बनाए के टूटने बिखरने की खबरें आईं। अब बनने से पहले ही बिखराव शुरू .....

  • रईस चोर ..

    शीर्षक पढकर कई लोगों के दिमाग में धुआं उठ रहा होगा। कई के दिमाग में भाप बन रही होगी। कई के दिमाग में कौंध रहा होगा क .....

  • न्योते से पहले पंगा ..

    ऐसा पहली बार नहीं हुआ, कई बार हो चुका है। नही होने को हो तो मीडिया होने से जोडऩे में माहिर। होने को हो तो सवालों का प .....

  • अच्छा लगा-बुरा भी ..

    अच्छा लगा। बहुत अच्छा लगा। वो इसलिए कि बात ही कुछ ऐसी थी। और अच्छा लगने की गुंजाइश बहुत है। ऐसा हुआ तो इससे ज्यादा .....

  • बांडी खोपड़ी की उपज ..

    असल में वो जुमला 'बांडी खोपड़ी' वालों पर लागू होना चाहिए। ऐसे लोगों पर लागू होना चाहिए जो अपना दिमाग अंट-शंट ब .....

  • आयौ कुण-आवेला कुण! ..

    बाबा ने बात ही ऐसी की कि हंसी फू ट पड़ी। मन तो किया कि बुक्का फाड़ के हंसे। खिलखिला के हंसे, पर हंसी रोकनी पडी। ऐसा क .....

  • हारे सो हरि... जीते सो हरि... ..

    अपन को क्या फरक पड़ता है। जिन्हें पड़ा, उन्हें पड़ा। जिन्हें पड़ेगा, उन को पड़ेगा। इस में हैरत की क्या बात है। दो ज .....

  • आदेश की ऐसी-तैसी ..

    कागद हाथ में आते ही आशंका हो गई थी कि चिंदिया बिखरनी है। कागद के टुकड़े हजार होगे कोई इधर गिरेगा-कोई उधर। किसी ने न .....

  • उलटी गंगा ..

    कोर्ट तो खैर कोर्ट है। कोर्ट का फैसला सर्वोपरि। वहां आकर अच्छो-भलों की सूथण ढीली हो जाती है। हम भी अदालतों को सेल् .....

  • पहले एका-फिर चेहरा ..

    हम ने तो पहले ही कहा था। एक बार नहीं, बार-बार कहा था। कई बार कहा था, पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। सोचा कि इन की बातों पर .....

  • कश्मीरी विभीषण ..

    हमें नहीं लगता कि ''भाई" मर गए। लोगबाग पुतले फूंक कर भले ही राजी होते होंगे। ऐसा आए साल होता है। हर साल होता है .....

  • खबर की खनक ..

    खबरों की खनखनाहट होना नई बात नहीं है। बात निकलेगी तो दूर तलक जाएगी। यहां तो खबर है। खबर प्रिंट मीडिया में छपे या इल .....