आंवला नवमी पर क्यों होती है आंवले के पेड़ की पूजा 

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17 नवंबर 2018 को आंवला नवमी है, जिसे अक्षय नवमी के नाम से भी जाना जाता है। आंवला नवमी कार्तिक शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि पर मनाई जाती है। इस व्रत को करने पर अक्षय फल की प्राप्ति होती है। शास्त्रों के अनुसार अक्षय नवमी के दिन किया गया पुण्य कभी समाप्त नहीं होता है। इस दिन जो भी शुभ कार्य जैसे दान, पूजा, भक्ति, सेवा आदि किया जाता है उनका पुण्य कई-कई जन्म तक प्राप्त होता है।  यह व्रत उत्तरी भारत में मनाया जाता है। इस दिन आंवले के पेड़ के नीचे भोजन पकाया जाता है और परिवार के सभी सदस्य एक साथ बैठकर भोजन करते हैं। महिलाएं इस व्रत को संतान का सुख प्राप्त करने और उनकी मंगलकामना के लिए करती हैं। आइए जानते हैं आंवला नवमी व्रत कथा और पूजा विधि।
 

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