थकान से उबरकर चीन ओपन का खिताब जीतने उतरेंगे सिंधू और श्रीकांत

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चांगझू
भारत की शीर्ष बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधू अगर अंतरराष्ट्रीय सर्किट में अपने लगातार अच्छे प्रदर्शन को जारी रखना है और मंगलवार से यहां शुरू हो रहे चीन ओपन के खिताब को दोबारा जीतना है तो थकान से उबरने का तरीका ढूंढना होगा। पिछले हफ्ते जापान ओपन के दूसरे दौर में हार के दौरान सिंधू पर थकान का असर दिख रहा था। पिछले साल अक्टूबर में डेनमार्क ओपन के पहले दौर में हार के बाद यह पहला मौका था जब सिंधू किसी टूर्नामेंट से जल्दी बाहर हुई थी। तेइस साल की सिंधू ने मौजूदा सत्र में अच्छा प्रदर्शन किया और तीन बड़ी प्रतियोगिताओं राष्ट्रमंडल खेल, विश्व चैंपियनशिप और एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीतने में सफल रही हैं। वह इंडिया ओपन और थाईलैंड ओपन के फाइनल में भी पहुंचने में सफल रही। हालांकि व्यस्त कार्यक्रम के कारण सिंधू को थकान से उबरने का पर्याप्त समय नहीं मिल रहा है। ओलंपिक और विश्व चैंपियनशिप की रजत पदक विजेता सिंधू ने 700000 डालर इनामी चीन ओपन का खिताब 2016 में जीता था और बीडब्ल्यूएफ विश्व टूर सुपर 1000 टूर्नामेंट के महिला एकल खिताब के वह प्रबल दावेदारों में शामिल हैं। तीसरी वरीय सिंधू अपने अभियान की शुरूआत ओलंपिक स्पोर्ट्स सेंटर शिनचेंग जिम्नेजियम में हांगकांग की च्युंग एनगेन यी के खिलाफ करेंगी। राष्ट्रमंडल खेलों की दो बार की स्वर्ण पदक विजेता साइना नेहवाल जापान ओपन से बाहर रहने के बाद तरोताजा महसूस कर रही होंगी और उन्हें पहले दौर में कोरियर की सुंग जी ह्युन की कड़ी चुनौती का सामना करना है। चीन ओपन का 2014 में खिताब जीतने वाली साइना का सुंग जी के खिलाफ 8-2 का रिकार्ड है और अगर वह कोरियाई खिलाड़ी के खिलाफ जीत दर्ज करती हैं तो चीन की पांचवीं वरीय चेन युफेई से उनकी भिड़ंत हो सकती है। साइना और सिंधू अगर अपने-अपने मुकाबले जीत लेती हैं तो क्वार्टर फाइनल में इन दोनों की भिड़ंत हो सकती है। पिछले सत्र में चार खिताब जीतने वाले किदांबी श्रीकांत मौजूदा सत्र में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। सातवें वरीय श्रीकांत ने राष्ट्रमंडल खेलों में पुरुष एकल का रजत पदक जीता लेकिन उनके प्रदर्शन में निरंतरता की कमी है। इस साल कुछ समय दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी रहे श्रीकांत अपने अभियान की शुरूआत डेनमार्क के रासमस गेम्के के खिलाफ करेंगे। क्वार्टर फाइनल में श्रीकांत के जापान के केंतो मोमोता से खेलना पड़ सकता है जिन्होंने उन्हें मलेशिया और इंडोनेशिया में हराया। एचएस प्रणय को पहले दौर में हांगकांग के आठवें वरीय एनजी का लोंग एंगस के खिलाफ खेलना है। अन्य भारतीयों में अश्विनी पोनप्पा और एन सिक्की रेड्डी का सामना किम सो योंग और कोंग ही योंग की कोरिया की जोड़ी से होगा। पुरुष युगल में सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी तथा मनु अत्री और बी सुमित रेड्डी की जोडिय़ां चुनौती पेश करेंगी जबकि मिश्रित युगल में सात्विक और अश्विनी तथा प्रणव जैरी चोपड़ा और सिक्की कोर्ट में उतरेंगे।

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