तोक्यो 2020 में मुक्केबाजी को शामिल नही करने पर एआईबीए ने दी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी

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गोल्ड कोस्ट
विवादों में फंसे अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाजी महासंघ (एआईबीए) ने मंगलवार को कहा कि उसने अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) की मांग के मुताबिक सुधार कर लिये है और अगर तोक्यो में होने वाले 2020 ओलंपिक में इस खेल को शामिल नहीं किया जाता तो वह कानूनी कार्रवाई करेगा। आईओसी ने अगले साल होने वाले इस प्रतियोगिता के लिए इस खेल की तैयारियों को रोक दिया है कर दिया है क्योंकि 2016 में रियो ओलंपिक में बाउट फिक्सिंग के आरोप लगे थे और आईओए ने एआईबीए से इस बात का प्रमाण मांगा है कि उससे इससे निपटने के लिए जरूरी सुधार किये है। तोक्यो 2020 में मुक्केबाजी को शामिल करने पर 22 मई को फैसला होगा। आईओसी ने कहा है कि अगर उस पर रोक लगती है तो भी वे इस बात को सुनिश्चित करेंगे कि यह खेल आगामी ओलंपिक का हिस्सा रहे। एआईबीए ने एएफपी को भेजे बयान में कहा कि तोक्यो मे इस खेल का आयोजन के लिए वे ''इसका बचाव करने के वैध अधिकार" का इस्तेमाल करेंगे और '' यह देखते हुए कि आईओसी ने ओलंपिक चार्टर का उल्लंघन किया है वे इसके सभी विकल्पों की समीक्षा करेंगे, जिसमें कानूनी भी शामिल है। एआईबीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी टॉम विर्जेट्स ने कहा कि उन्होंने आईओसी द्वारा निर्धारित सभी आवश्यकताओं को पूरा किया है। उन्होंने कहा कि हम एक संगठन के रूप में मानते हैं कि हमने वह सब कुछ किया है जिस पर सवाल उठाया गया था।

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