एशियाई चैम्पियनशिप में शिवा थापा ने लगातार चौथा पदक किया पक्का

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बैंकाक
शिवा थापा एशियाई चैम्पियनशिप के सेमीफाइनल में पहुंच कर भारत के लिए एक और पदक पक्का करने के साथ इस प्रतियोगिता में लगातार चार पदक जीतने वाले पहले भारतीय मुक्केबाज बने जबकि अनुभवी एल सरिता देवी (60 किग्रा) लगभग एक दशक में पहली बार इसके सेमीफाइनल में पहुंची। विश्व चैम्पियनशिप में कांस्य पदक जीतने वाले असम के 25 साल इस खिलाड़ी ने लाइटवेट (60 किग्रा) वर्ग के एकतरफा मुकाबले में थाईलैंड के रुजाकर्न जुनत्रोंग को 5-0 से करारी शिकस्त दी। सेमीफाइनल में उनके सामने कजाखस्तान के जाकिर सफिउल्लिन की कड़ी चुनौती से पार पाना होगा। सफिउल्लिन ने 2015 में रजत पदक जीता था। दो बार के राष्ट्रीय चैम्पियन थापा ने एशियाई चैम्पियनशिप में 2013 में स्वर्ण, 2015 में कांस्य और 2017 में रजत पदक पक्का किया था। महिलाओं के ड्रा में पूर्व विश्व चैम्पियन सरिता ने क्वार्टर फाइनल मुकाबले में खंडित फैसले से कजाखस्तान की रिम्मा वोलोस्सेंको को हराकर पदक पक्का किया। 37 साल की सरिता इससे पहले 2010 में इस टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में पहुंची थी जहां उन्होंने स्वर्ण पदक अपने नाम किया था। पिछले बार की रजत पदक विजेता मनीषा ने भी फिलिपिंस की पेटेसिओ जजा नीस को हराकर पदक पक्का किया। थापा के अलावा पुरूषों में आशीष कुमार (75 किग्रा) भी सेमीफाइनल में पहुंचने में सफल रहे। उन्होंने सर्वसम्मति से किये गये फैसले में किर्गिस्तान के ओमेरबेक ऊलू बेह्झिगित को शिकस्त दी। राष्ट्रमंडल मंडल खेलों के कांस्य पदक विजेता नमन तंवर (91 किग्रा) क्वार्टर फाइनल में जार्डन के हुसैन ईशाएश से 0-5 से हार कर टूर्नामेंट से बाहर हो गये।

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