आईपीएल में अर्धशतक लगाने के बाद भारतीय टीम में जगह बनाने चाहते है रियान पराग

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नई दिल्ली
इंडियन प्रीमियर लीग के इतिहास में अर्धशतक लगाने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने रियान पराग ने कहा कि वह इस लीग और अंडर-19 विश्व कप के अनुभव का इस्तेमाल भारतीय टीम में जगह बनाने के लिए करना चाहते है। असम के 17 साल के इस खिलाड़ी की 49 गेंद में 50 रन की पारी से राजस्थान रॉयल्स ने शनिवार को यहां दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ 20 ओवर में नौ विकेट पर 115 रन बनाये। उनकी टीम हालांकि मैच नहीं जीत पायी पर आईपीएल के इस सत्र में 40 की औसत से 160 रन बनाकर उन्होंने अपना दमखम दिखाया। पराग ने दिल्ली से पांच विकेट से मैच गंवाने के बाद पत्रकारों से कहा कि मेरे लिए यह अच्छा आईपीएल रहा। यह मेरा पहला आईपीएल था, मैंने नहीं सोचा था कि मैं इतने मैचों में खेलूंगा। मैं यहां सिर्फ सीखने और अनुभव हासिल करने आया था, लेकिन अब मैं वास्तव में खुश हूं कि मैं अपनी टीम के लिए योगदान दे सका हूं। उन्होंने कहा कि मेरा अब तक का सफर काफी उतार-चढाव से भरा रहा है। अंडर-19 विश्व कप और अब आईपीएल मेरे करियर के सबसे अच्छे टूर्नामेंट रहे है। राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलना खुद में अलग तरह का अनुभव था। उन्होंने कहा कि मेरा लक्ष्य हमेशा से भारतीय टीम के लिए खेलना रहा है। अंडर -19 विश्व कप और आईपीएल उस दिशा में छोटे कदम हैं जो मुझे लक्ष्य की ओर ले जाएंगे। मैं अभी घरेलू सत्र और फिर अगले साल आईपीएल में अच्छा प्रदर्शन करना चाहूंगा। पराग 2018 में अंडर-19 विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा थे। उन्होंने शनिवार को फिरोजशाह कोटला मैदान की मुश्किल पिच पर शानदार बल्लेबाजी कर राजस्थान को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। उन्होंने कहा कि यह काफी मुश्किल पिच थी। हमें लगा कि यहां पहले बल्लेबाजी करना अच्छा होगा लेकिन गेंद रूककर आ रही थी ओर ज्यादा टर्न ले रही थी। राजस्थान के कोच पैडी अप्टन ने कहा कि यह ऐसा सत्र था जहां हम मौकों को नहीं भुना सके। उन्होंने कहा कि यह निराशाजनक सत्र रहा, हम मौकों का फायदा नहीं उठा सके। हमारे पास वास्तव में एक अच्छी टीम थी। हम जानते थे कि हमारे कुछ वरिष्ठ खिलाड़ी सत्र के आखिर में चले जाऐंगे। हमें मजबूत स्थिति में रहने के लिए अच्छा प्रदर्शन करना चाहिए था। दिल्ली कैपिटल्स के क्षेत्ररक्षण कोच मोहम्मद कैफ ने शानदार गेंदबाजी प्रदर्शन के लिए ईशांत शर्मा और अमित मिश्रा की तारीफ की। इशांत और मिश्रा ने तीन-तीन विकेट लेकर राजस्थान को छोटे स्कोर पर रोक दिया। उन्होंने कहा कि इस साल हमारी सफलता में इशांत ने बड़ी भूमिका निभाई है। उनका आईपीएल करियर उतार-चढ़ाव से भरा रहा है। लेकिन ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड में टेस्ट मैचों में उनका प्रदर्शन शानदार था। इसलिए हमने पहले से सोचा था कि इशांत को इस सत्र के लिए अपनी टीम में शामिल करेंगे। वह जिस तरह से भरोसे पर खरा उतरे वह अविश्वसनीय है। यह सिर्फ दिखाता है कि यदि आप किसी खिलाड़ी को वापस लेते हैं, तो खिलाड़ी आत्मविश्वास हासिल करता है और टीम के लिए बहुत कुछ हासिल करता है।

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