बीसीसीआई द्वारा राज्य इकाइयों को 19 सदस्यीय सर्वोच्च परिषद की अनुमति देने की संभावना

img

नई दिल्ली
भारतीय क्रिकेट बोर्ड की मान्यता प्राप्त राज्य इकाइयों के लिये अच्छी खबर है क्योंकि उनकी शीर्ष परिषद में सदस्यों की संख्या को बढ़ाकर 19 करने की संभावना है जबकि इसकी तुलना में बीसीसीआई का दल नौ सदस्यीय है। बीसीसीआई की 36 में से 30 इकाईयां लोढा समिति की सिफारिशों के अनुरूप हो चुकी हैं और पता चला है कि इनमें से ज्यादातर उन कुछ संशोधनों के लिये सहमत हैं जिनके न्यायमित्र पीएस नरसिम्हा गुरूवार के उच्चतम न्यायालय को सौंपने की उम्मीद है। न्यायमित्र के साथ बैठक के दौरान बीसीसीआई की मान्यता प्राप्त ज्यादातर इकाइयों ने शीर्ष परिषद बनाने के बारे में व्यावहारिक दिक्कत की बात बतायी थी। लोढा समिति की सिफारिशों के अनुसार बीसीसीआई की शीर्ष परिषद में नौ सदस्य - अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव, संयुक्त सचिव, कोषाध्यक्ष, खिलाडिय़ों के दो प्रतिनिधि (पुरूष और महिला), कैग प्रतिनिधि और राज्य इकाई का एक सदस्य शामिल होंगे। ज्यादातर राज्य इकाईयों में अलग अलग तरह का मतदान संयोजन है, हालांकि यह मुद्दा अब निपटने की ओर है। न्यायमित्र के साथ राज्य इकाइयों की बैठक की जानकारी रखने वाले बीसीसीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि न्यायमित्र ने प्रशासकों की समिति से और मान्यता प्राप्त ज्यादातर इकाइयों से चर्चा की थी। ऐसा लगता है कि 85 प्रतिशत (36 में से 30) इकाइयां जो पूरी तरह से लोढा सिफारिशों के अनुरूप हैं, उन्होंने कहा कि राज्य इकाइयों के लिये शीर्ष परिषद में 19 अच्छी संख्या होगी। अधिकारी ने कहा कि सीओए और न्यायमित्र इस बात से सहमत हैं कि राज्य इकाइयां ही देश में खेल को बढ़ावा दे रही हैं। डीडीसीए और बंगाल क्रिकेट संघ का मतदान का संयोजन अलग अलग है इसलिये इसमें नौ सदस्यीय शीर्ष परिषद नहीं हो सकती।

whatsapp mail