किसी अन्य पिच पर 140 से 150 रन बना सकता था: चेतेश्वर पुजारा

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मेलबर्न
चेतेश्वर पुजारा को तेजी से रन बनाने के लिए नहीं जाना जाता लेकिन मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड की धीमी पिच ने यहां आस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे क्रिकेट टेस्ट की पहली पारी में ठोस बल्लेबाजी करने वाले तीसरे नंबर के इस बल्लेबाज को भी काफी परेशान किया। 
भारत ने दूसरे दिन गुरुवार को सात विकेट पर 443 रन बनाने के बाद पहली पारी घोषित की जिसके बाद 106 रन बनाने वाले पुजारा ने कहा, ''हमें पिच के बर्ताव और स्थिति के अनुसार बल्लेबाजी करनी पड़ी। इस पिच पर रन बनाने के लिए प्रत्येक बल्लेबाज को काफी गेंद खेलनी होंगी। अगर कोई और विकेट होता तो इतनी सारी गेंद खेलने के बाद मैं शायद 140 से 150 रन बना लेता। लेकिन टेस्ट क्रिकेट में बल्लेबाजी करते हुए स्थिति और पिच दोनों को पढऩा महत्वपूर्ण है। पुजारा ने स्वीकार किया कि पिच पर बल्लेबाजी करना बेहद मुश्किल है और उनकी टीम ने जो रन बनाए हैं वे आस्ट्रेलिया को चुनौती लेने के लिए पर्याप्त हैं। दाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने कहा, ''यह रन बनाने के लिए मुश्किल पिच है। अगर हम पहले दो दिन देखें तो काफी कम रन बने और इस तरह से मैं कहूंगा कि दिन में 200 रन बनाना मुश्किल काम है, इसलिए मुझे लगता है कि हमने पर्याप्त रन बनाए हैं। सौराष्ट्र के इस बल्लेबाज का मानना है कि असमान उछाल आस्ट्रेलिया के बल्लेबाजों के लिए समस्या पैदा करेगा। पुजारा भी नीची रहती गेंद पर आउट हुए। उन्होंने कहा, ''एक बल्लेबाज के रूप में इस तरह की पिच पर खेलते हुए हमेशा भ्रम की स्थिति रहती है और मैं जिस गेंद पर आउट हुआ उस पर कुछ नहीं कर सकता था। इसलिए जब गेंद नीची रहती है तो आपके पास सीमित विकल्प होते हैं। पुजारा ने कहा, ''हमने आज देखा कि पिच ने टूटना शुरू कर दिया है और इस पर असमान उछाल है। जब मैंने कल और आज बल्लेबाजी की तो अंतर महसूस किया था। उन्होंने कहा, ''इसलिए मुझे नहीं लगता कि अब बल्लेबाजी करना आसान होगा। कल के बाद से मुझे लगता है कि बल्लेबाजी मुश्किल होती जाएगी और हमारे गेंदबाज अच्छी गेंदबाजी कर रहे हैं इसलिए मुझे लगता है कि हमने पर्याप्त रन बनाए हैं।पुजारा ने कहा कि पिच पर असमान उछाल से भारतीय गेंदबाजों को भी मदद मिलेगी। आस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट श्रृंखला में शानदार फार्म में चल रहे बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा ने कहा कि वह 2014 के खराब प्रदर्शन के कारण उनका बोरिया बिस्तर बांधने वाले आलोचकों को जवाब देने का प्रयास नहीं कर रहे हैं। पुजारा ने 17वां टेस्ट शतक जमाने के बाद कहा ,'' मैं जब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलता हूं तो किसी को खामोश करने की जरूरत नहीं है। मुझे बस रन बनाते रहना है और मुझे वही पसंद है। मैं इन चीजों में नहीं पडऩा चाहता। मेरा काम रन बनाना है और वह मैं करता रहूंगा। देश में या विदेश में। उन्होंने स्वीकार किया कि एक बार खिलाड़ी रन बनाने लग जाता है तो आलोचक चुप हो जाते है।

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