चौथे वनडे में हार से हमें वास्तविकता का पता चला : भुवनेश्वर

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हैमिल्टन
भारतीय तेज गेंदबाजी के अगुआ भुवनेश्वर कुमार ने न्यूजीलैंड के खिलाफ चौथे एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच में आठ विकेट से करारी हार के बारे में गुरुवार को कहा कि इससे टीम को श्रृंखला के बाकी बचे मैचों से पहले वास्तविकता का पता चला। भारत की दमदार बल्लेबाजी चौथे वनडे में 30.5 ओवर में 92 रन पर आउट हो गयी जो उसका सातवां न्यूनतम स्कोर है। न्यूजीलैंड पहले ही श्रृंखला गंवा चुका है और उसकी यह पहली जीत है। भुवनेश्वर ने मैच के बाद कहा, ''अगर आप पिछले कुछ महीनों के हमारे खेल पर गौर करो तो हमने अच्छी क्रिकेट खेली और कभी आपको ऐसे मैचों से गुजरना पड़ता है। इसलिए इससे हमें वास्तविकता का पता चला कि आगामी मैचों में हम क्या कर सकते हैं और हमें क्या सुधार करने हैं। उन्होंने कहा, 'श्रृंखला जीतने के बाद हम आत्मविश्वास से भरे थे लेकिन चीजें हमारे अनुकूल नहीं रही। मैं उनसे (न्यूजीलैंड के गेंदबाजों) श्रेय वापस नहीं लेना चाहता हूं। उन्होंने वास्तव में अच्छी गेंदबाजी की और हमें कोई मौका नहीं दिया। वेलिंगटन में रविवार को पांचवें और अंतिम वनडे के बाद दोनों टीमों के बीच छह फरवरी से तीन टी20 मैचों की श्रृंखला खेली जाएगी। तेज गेंदबाज ट्रेंट बोल्ट (5/21) और कोलिन डि ग्रैंडहोम (3/26) ने स्विंग परिस्थितियों का पूरा फायदा उठाकर भारतीय बल्लेबाजी को ध्वस्त कर दिया था। भुवनेश्वर से पूछा गया कि क्या न्यूजीलैंड ने भारत की कमजोरी का खुलासा कर दिया, ''नहीं ऐसा नहीं है। हम इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका और आस्ट्रेलिया में खेले और हमने वास्तव में अच्छा प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा, '' मैं कहना चाहता हूं कि उन्होंने वास्तव में बहुत अच्छी गेंदबाजी की तथा ऐसी गेंदें डाली जिनको खेलना नामुमकिन था और हां कुल मिलाकर उन्होंने हमें पस्त कर दिया था। भारत ने 3-0 की अजेय बढ़त लेने के बाद कप्तान विराट कोहली को विश्राम दिया जबकि पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी मांसपेशियों में खिंचाव के कारण नहीं खेल पाये। भारत ने शुभमान गिल को पदार्पण का मौका दिया जबकि बायें हाथ के तेज गेंदबाज खलील अहमद को भी मोहम्मद शमी की जगह टीम में रखा। भुवनेश्वर ने स्वीकार किया कि भारत को इस मैच में कोहली की कमी खली। उन्होंने कहा, ''इस तरह के विकेट पर आपको हमेशा कोहली की कमी खलेगी लेकिन इसके साथ ही यह शुभमान गिल के लिये भी मौका था जिसने उनका स्थान लिया। उन्होंने (कोहली) जैसा प्रदर्शन किया है वह लाजवाब है लेकिन हम हमेशा उन पर निर्भर नहीं रहना चाहते हैं। भुवनेश्वर से पूछा गया कि क्या मध्यक्रम के कुछ बल्लेबाज मौके का फायदा उठाने में नाकाम रहे, उन्होंने कहा, ''हम केवल एक मैच के बाद ऐसा नहीं कह सकते। यह बल्लेबाजी के लिये मुश्किल विकेट था। यह मौका गंवाना नहीं था लेकिन यह हम सबके लिये सबक है।

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