इंग्लैंड के खिलाफ आखिरी टी20 मैच में जीत के इरादे से उतरेगी भारतीय महिला टीम

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गुवाहाटी
अपने बल्लेबाजों के खराब फार्म से जूझ रही भारतीय महिला टीम इंग्लैंड के खिलाफ शनिवार को तीसरे और आखिरी टी20 मैच में अपनी गलतियों से सबक लेकर सम्मान बचाने के इरादे से उतरेगी। वनडे श्रृंखला 2.1 से जीतने के बाद भारतीय महिलाओं ने लय खो दी और इंग्लैंड ने टी20 श्रृंखला में 2.0 से बढत बना ली। भारत को पहले मैच में 41 रन से और दूसरे में पांच विकेट से पराजय झेलनी पड़ी जो टी20 क्रिकेट में उसकी लगातार छठी हार थी। भारतीय टीम 50 ओवरों के प्रारूप में अच्छा खेल रही है लेकिन टी20 में उसे अपने प्रदर्शन में काफी सुधार करना होगा जबकि विश्व कप अगले साल ही होना है। इससे पहले न्यूजीलैंड ने भी उसे टी20 श्रृंखला में 3 . 0 से हराया था। दोनों मैचों में भारतीय टीम 120 रन से अधिक नहीं बना सकी । नियमित टी20 कप्तान हरमनप्रीत कौर अभी चोट से उबर नहीं सकी है और कार्यवाहक कप्तान स्मृति मंधाना दो मैचों में दो और 12 रन ही बना सकी। मध्यक्रम में मिताली राज (20) अच्छी शुरूआत को बड़ी पारी में नहीं बदल सकी। मंधाना ने कहा , हमारे गेंदबाजों ने पूरी कोशिश की लेकिन हम 10.15 रन पीछे रह गए। अगर हमने इतने रन और बनाये होते तो कहानी कुछ और होती।

टीमें:
भारत: स्मृति मंधाना (कप्तान), मिताली राज, जेमिमा रौद्रिगेज, दीप्ति शर्मा, तान्या भाटिया, भारती फूलमाली, अनुजा पाटिल, शिखा पांडे, कोमल जंजाद, अरूंधति रेड्डी, पूनम यादव, एकता बिष्ट, राधा यादव, वेदा कृष्णामूर्ति , हरलीन दयोल।
इंग्लैंड: हीथर नाइट (कप्तान), टैमी ब्यूमोंट, कैथरीन ब्रंट, केट क्रास, सोफिया डंकले ब्राउन, फ्रेया डेविस, जार्जिया एल्विस, एमी एलेन जोंस, लौरा मार्श, नताली स्किवेर, आन्या श्रुबसोले, लिनसे स्मिथ, लौरेन विनफील्ड, डेनियेले व्याट , एलेक्स हार्टले। 

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अच्छे प्रदर्शन के लिये घरेलू क्रिकेट में सुधार की है जरूरत

भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कार्यवाहक कप्तान स्मृति मंधाना को लगता है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुधार करने के लिये घरेलू क्रिकेट में अधिक निडर बल्लेबाजों की जरूरत है। भारतीय महिला टीम टी20 प्रारूप में लगातार छह मैच गंवा चुकी है। उसने इंग्लैंड के खिलाफ वर्तमान श्रृंखला के पहले दोनों मैच गंवाये हैं। इससे पहले उसे न्यूजीलैंड से 0-3 से हार का सामना करना पड़ा था। इंग्लैंड के खिलाफ दोनों मैचों में भारतीय टीम 120 रन से कम का स्कोर ही बना पायी। आईसीसी की वर्ष की क्रिकेटर चुनी गयी मंधाना ने कहा, अंतरराष्ट्रीय और घरेलू क्रिकेट में बहुत बड़ा अंतर है। इस अंतर को कम करने की जरूरत है। घरेलू क्रिकेट से आने वाली बल्लेबाजों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग तरह की गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा, हमारे घरेलू सर्किट में सुधार की जरूरत है। घरेलू क्रिकेट में थोड़ी निडरता होनी चाहिए क्योंकि अगर आप घरेलू स्तर पर बेखौफ क्रिकेट खेलते हो तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उसी तरह की क्रिकेट खेलते हो।

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