तेज गेंदबाजों को घुड़दौड़ के घोड़ों की तरह बचाने की जरूरत: भरत अरुण

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पर्थ
भारतीय गेंदबाजी कोच भरत अरुण ने बुधवार को कहा कि प्रभावशाली भारतीय तेज गेंदबाज घुड़दौड़ के घोड़ों की तरह हैं जिन्हें सुरक्षित रखने और अच्छी तरह से संभालने की जरूरत है। अरुण ने वर्तमान तेज गेंदबाजी आक्रमण को देश का अब तक का सर्वश्रेष्ठ आक्रमण करार दिया। भारतीय गेंदबाजों ने इस साल विदेशों में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है। दक्षिण अफ्रीका ने भारतीय गेंदबाजों ने तीन मैचों में सभी 60 विकेट लिये और इंग्लैंड में पांच टेस्ट मैचों में 90 में से 82 विकेट हासिल किये। आस्ट्रेलिया में उन्होंने बेहतरीन शुरूआत की तथा एडीलेड की धीमी पिच पर सभी 20 विकेट लिये जिससे भारत यह मैच जीतकर चार मैचों की श्रृंखला में शुरूआती बढ़त हासिल करने में सफल रहा। अरुण ने आस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच से पूर्व कहा, 'मैं कह सकता हूं कि उन्होंने केवल उन्होंने एडीलेड में ही ऐसा प्रदर्शन नहीं किया बल्कि वे दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड में भी ऐसा कर चुके हैं और अब आस्ट्रेलिया में उन्होंने इस तरह का प्रदर्शन किया है। यह संभवत: भारत का अब तक का तेज गेंदबाजी में सर्वश्रेष्ठ आक्रमण है। उन्होंने कहा कि तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी, भुवनेश्वर कुमार और इशांत शर्मा की गेंदबाजी में सुधार हुआ है क्योंकि उन्होंने निरंतरता हासिल की है। अरुण ने कहा, 'निरंतरता (पिछले दौरों में) मसला होता था और हमने गेंदबाजों के मामले में इसका समाधान निकाला। इस पर वास्तव में हमने कड़ी मेहनत की। यहां तक कि अभ्यास के दौरान भी हम एक गेंदबाज की फार्म पर जोर देते हैं और गेंदबाजों ने बहुत अच्छी तरह से इसे आत्मसात किया। अब उसका सकारात्मक परिणाम हमें मिल रहा है। उन्होंने कहा, 'यह बहुत सरल है। हर बार जब वे नेट पर पहुंचते हैं तो उनका अपनी योजना से अवगत होना जरूरी होता है कि उन्हें क्या करना है। इसमें हर बार थोड़ा अंतर होता है। हम यह देखते हैं कि हर बार वे कितना अमल करते हैं। इस फीडबैक से उन्हें निरंतरता बनाये रखने में मदद मिलती है। दूसरा टेस्ट मैच शुक्रवार से ऑप्टस स्टेडियम में शुरू होगा और रिपोर्टों के अनुसार यहां की पिच में काफी तेजी और उछाल है। अरुण ने कहा, 'निश्चित तौर पर इस तरह के विकेट पर गेंदबाजों को गेंदबाजी करने में मजा आएगा। हमें कैसी भी पिच मिले उस पर खेलने से हमें खुशी होगी। हमने अभी तक विकेट नहीं देखा है। उन्होंने कहा, 'परिस्थितियां कैसी भी हों हम यहां उन्हें अपनी घरेलू परिस्थितियों की तरह लेंगे। हम मैदान पर किसी भी तरह की परिस्थितियों के लिये तैयार हैं। अरुण ने कहा, 'विदेशों में पर्थ जैसे विकेट पर आपको अतिरिक्त तेजी और उछाल मिलेगी लेकिन आपको यह याद समझना होगा कि किसी भी तरह के विकेट पर अपनी निरंतरता से ही आप सफल बन सकते हैं। और हम अपने गेंदबाजों के साथ इसी पर काम कर रहे हैं।

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