पर्थ की घसियाली पिच पर आस्ट्रेलिया का दांव पलटने उतरेगा भारत

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पर्थ
पिच पर अधिक घास देखकर पूर्व में भारत की अधिकतर टीमें चिंतित हो जाती थी लेकिन विराट कोहली की टीम शुक्रवार को जब यहां के नये ऑप्टस स्टेडियम की तेज और उछाल वाली पिच पर खेलने के लिये उतरेगी तो उसका लक्ष्य आस्ट्रेलिया को उसी के जाल में फंसाकर चार मैचों की श्रृंखला में अपना विजय अभियान बरकरार रखना होगा। इस नये टेस्ट स्थल की पिच पर हरी घास देखकर भारतीय खेमा चिंतित नहीं हुआ बल्कि वह इसके मौके के रूप में देख रहा था। कप्तान कोहली इसे देखकर रोमांचित हैं। भारत के पास तेज गेंदबाजी में सक्षम आक्रमण है और इसलिए कोहली ने पिच को देखकर कहा, ''हम यहां की जीवंत पिच देखकर चिंतित होने के बजाय रोमांचित हैं। क्यूरेटर ब्रेट सिपथोर्प ने उछाल वाली पिच तैयार करने की कोशिश की। आस्ट्रेलिया का यह दांव उस पर उलटा पड़ सकता है। भारत अब इस तरह की पिचों पर खेलने से नहीं घबराता और वह यहां 2-0 से बढ़त हासिल करने के इरादे से उतरेगा। भारत ने एडीलेड में पहला टेस्ट मैच 31 रन से जीता था। वाका के पुराने मैदान की पिच को हमेशा तेज गेंदबाजों के अनुकूल माना जाता था और यहां नये मैदान पर भी उसी परंपरा को बरकरार रखने का प्रयास किया गया है। इस स्टेडियम पर यह पहला टेस्ट मैच होगा।
 पिच पर घास होने से दोनों टीमों को निश्चित तौर पर अपनी रणनीति बदलनी होगी। भारत को हर हाल में अपनी अंतिम एकादश में बदलाव करना होगा क्योंकि उसके दो खिलाड़ी चोटिल होने के कारण बाहर हो गये हैं। भारत ने दूसरे टेस्ट मैच के लिये 13 सदस्यीय टीम का चयन किया जिसमें आर अश्विन और रोहित शर्मा नहीं हैं। अश्विन पेट की मांसपेशियों में खिंचाव और रोहित पीठ दर्द के कारण बाहर हुए हैं। रोहित दूसरे टेस्ट मैच से पूर्व दोनों दिन अभ्यास सत्र में भाग नहीं ले पाये थे। अश्विन ने भी बुधवार को वैकल्पिक अभ्यास में हिस्सा नहीं लिया। वह गुरूवार को वार्म अप के दौरान उपस्थित थे लेकिन उन्होंने नेट्स पर बल्लेबाजी या गेंदबाजी नहीं की। इस बीच पृथ्वी साव चोट के कारण इस मैच में नहीं खेल पाएंगे और इस तरह से केएल राहुल और मुरली विजय को ही पारी का आगाज करना होगा। अंतिम एकादश में अन्य दो स्थान के लिये हनुमा विहारी, रविंद्र जडेजा, भुवनेश्वर कुमार और उमेश यादव को 13 सदस्यीय टीम में शामिल किया गया है। इससे विभिन्न संयोजन की संभावनाएं बन गयी है। वैसे कोहली का इससे पहले भी केवल तेज गेंदबाजों के साथ उतरने का रिकार्ड रहा है। भारत 2012 में भी पर्थ में केवल तेज गेंदबाजों के साथ उतरा था। तब महेंद्र सिंह धोनी ने जहीर खान, उमेश यादव, इशांत शर्मा और आर विनयकुमार को वाका मैदान पर आजमाया था। वीरेंद्र सहवाग ने अपनी आफ स्पिन से 7-2 ओवर किये थे और कोहली भी इसका अनुसरण कर सकते हैं। रोहित के चोटिल होने से विहारी का दूसरे टेस्ट मैच में खेलना तय लग रहा था। उन्होंने ओवल में पदार्पण किया था जिसकी दूसरी पारी में 56 रन बनाये थे। विहारी अच्छे आफ स्पिनर भी हैं और टीम प्रबंधन उनका इस रूप में उपयोग करने से नहीं हिचकिचाएगा। ओवल में उन्होंने 10-3 ओवर किये थे। सिडनी में क्रिकेट आस्ट्रेलिया एकादश के खिलाफ अभ्यास मैच के दौरान भी विहारी ने 12 ओवर किये थे। विजय भी कुछ ओवर कर सकते हैं और ऐसे में भारतीय थिंक टैंक चोटिल अश्विन की जगह भुवनेश्वर कुमार को रखकर चार तेज गेंदबाजों के साथ उतर सकता है। हाल के रिकार्ड पर गौर करें तो पश्चिम आस्ट्रेलिया ने न्यू साउथ वेल्स के खिलाफ नवंबर में यहा शैफील्ड शील्ड मैच खेला था। उस मैच में जो 40 विकेट गिरे उनमें से आठ विकेट स्पिनरों ने लिये थे। इनमें से सात विकेट अकेले नाथन लियोन ने हासिल किये थे। जाहिर है कि आफ स्पिनर लियोन ने यहां से मिल रही उछाल का फायदा उठाया था। अगर अश्विन फिट होते तो कोहली उनको टीम में रखने के बारे में सोच सकते थे। जडेजा टीम में हैं और उनके पास स्पिनर को रखने का विकल्प है लेकिन इसकी संभावना थोड़ी कम हो गयी है। भारतीय बल्लेबाजी क्रम में हालांकि खास बदलाव नहीं होगा।

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