रवि शास्त्री फिर बने टीम इंडिया के कोच, कोहली की पसंद पर कपिल ने लगाई मुहर

img

मुंबई
वल्र्ड कप-2019 के सेमीफाइनल में टीम इंडिया की अप्रत्याशित हार के बाद लगा था कि रवि शास्त्री का कोच पद पर दोबारा चुना जाना मुश्किल है, लेकिन लंबी कवायद के बाद फिर उन्हीं के नाम पर क्रिकेट सलाहकार समिति (CAC) ने मुहर लगा दी। इसके साथ ही 57 साल के रवि शास्त्री एक बार फिर भारतीय टीम के मुख्य कोच पद पर काबिज हो गए। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने मुंबई में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उनके नाम की घोषणा की। वह 2021 तक टीम इंडिया के हेड कोच बने रहेंगे। टीम इंडिया के मुख्य कोच के लिए 6 नामों को शॉर्टलिस्ट किया गया था, जिसमें मौजूदा कोच रवि शास्त्री भी शामिल थे। शास्त्री के अलावा दो और भारतीय कोच (पूर्व क्रिकेटर लालचंद राजपूत और रॉबिन सिंह) भी शॉर्ट लिस्ट किए गए थे। आखिरकार कपिल देव के नेतृत्व वाली सीएसी की पहली पसंद रवि शास्त्री बने। इस समिति में अंशुमन गायकवाड़ और शांता रंगास्वामी भी शामिल हैं। गौरतलब है कि शुक्रवार को बीसीसीआई हेडक्वार्टर में कोच पद के लिए हुए इंटरव्यू में लालचंद राजपूत, रॉबिन सिंह और माइक हेसन उपस्थित हुए, जबकि रवि शास्त्री समेत दो दावेदार स्काइप (SKYPE) के माध्यम से जुड़े। क्रिकइंफो के मुताबिक शॉर्टलिस्ट किए गए 6 में से 5 ही उम्मीदवार बचे थे। फिल सिमंस पहले ही रेस से बाहर हो गए। फिलहाल वेस्टइंडीज में टीम इंडिया संग मौजूद रवि शास्त्री के पक्ष में एक बात यह भी रही कि कप्तान विराट कोहली की वह खास पसंद हैं। टीम इंडिया के कोचिंग स्टाफ का करार विश्व कप के बाद खत्म हो गया था, लेकिन उन्हें 45 दिनों का विस्तार दिया गया, जो इंडीज दौरे तक जारी रहेगा। भारतीय टीम के मुख्य कोच के लिए विराट पहले ही अपनी पसंद बता चुके थे। तीन हफ्ते पहले कैरेबियाई दौरे के लिए रवाना होते समय विराट ने कहा था, 'अगर रवि भाई (रवि शास्त्री) कोच बने रहते हैं तो उन्हें खुशी होगी।

दूसरे कार्यकाल में टीम को दिलाई 81 जीत
जुलाई 2017 में दूसरी बार कोच बनने के बाद रवि शास्त्री की कोचिंग में टीम इंडिया ने 21 टेस्ट मैच खेले, जिसमें भारत को 13 में जीत मिली। जबकि टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में भारत ने 36 में से 25 में जीत का स्वाद चखा। इसी तरह वनडे की बात की जाए तो शास्त्री की कोचिंग में टीम इंडिया ने 60 मैचों में 43 में जीत हासिल की। इस तरह दूसरे कार्यकाल में उनकी कोचिंग में भारत को कुल 81 मैचों में जीत मिली। गौरतलब है कि कोच डंकन फ्लेचर (2011-2015) के रहते रवि शास्त्री भी टीम से जुड़े रहे। वह 2014-16 तक टीम डायरेक्टर रहे। शास्त्री ने 2015 के वर्ल्ड कप के बाद पूरी तरह कोचिंग की जिम्मेदारी संभाली थी। क्रिकेट के तीनों प्रारूपों में जुलाई 2017 के बाद भारत की जीत-हार का प्रतिशत देखें, तो टेस्ट में भारत की जीत की औसत 52।38 प्रतिशत है, जबकि टी-20 इंटरनेशनल में यह एवरेज 69।44 प्रतिशत बैठता है। वनडे में टीम इंडिया की जीत की औसत काफी बढिय़ा रही और इसमें 71।67 की औसत रही। हालांकि यह अलग बात है कि रवि शास्त्री की कोचिंग में शानदार प्रदर्शन करने के बावजूद भारतीय टीम तीसरी बार वर्ल्ड कप जीतने से चूक गई। 2015 वर्ल्ड कप में भी टीम सेमीफाइनल में हार गई थी। शास्त्री के पिछले कार्यकाल में भारतीय टीम कई बार टेस्ट और वनडे में नंबर-1 की रैंकिंग पर रही और टेस्ट इतिहास में पहली बार उसने ऑस्ट्रेलिया को ऑस्ट्रेलिया में हराया। नए कोच की तलाश के बीच वेस्टइंडीज दौरे पर गई टीम इंडिया की टी-20 सीरीज और वनडे सीरीज में शानदार जीत रवि शास्त्री के तीसरी बार चयन में अहम भूमिका निभाई।

टीम इंडिया- 29 साल, 16 कोच, 4 विदेशी
1990 से बात करें तो बीसीसीआई ने टीम इंडिया के लिए अब तक 16 बार कोच चुने हैं, जिनमें 4 कोच विदेशी रहे। बीसीसीआई ने 2000 के बाद से 7 पूर्व क्रिकेटरों को 9 बार टीम इंडिया के लिए कोच चुना, जिसमें 4 विदेशी और 3 भारतीय शामिल हैं। वर्तमान कोच रवि शास्त्री पिछले 19 साल के इतिहास में तीसरी बार कोच बनाए गए हैं।

whatsapp mail