सिंधु बैडमिंटन के 56 साल के इतिहास में फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय

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जकार्ता
पीवी सिंधु ने 18वें एशियाई खेलों में सोमवार को बैडमिंटन के सेमीफाइनल में जापान की अकाने यामागुची को 21-17, 15-21, 21-10 से हरा दिया। वे एशियाड में बैडमिंटन के 56 साल के इतिहास में खिताबी मुकाबले में जगह बनाने वाली पहली भारतीय बनीं। फाइनल में सिंधु का मुकाबला चीनी ताइपे की ताई जू युंग से होगा। युंग ने सेमीफाइनल में भारत की साइना नेहवाल को 21-17, 21-14 से हराया। हालांकि, साइना हारने के बावजूद बैडमिंटन के महिला एकल में पदक जीतने वाली पहली भारतीय बन गईं। बैडमिंटन में सेमीफाइनल हारने वाले खिलाड़ी को कांस्य पदक दिया जाता है। तीनों गेम 22 मिनट तक चले : सिंधु और यामागुची का मुकाबला एक घंटे 6 मिनट तक चला। सिंधु ने पहला गेम 22 मिनट में अपने नाम किया। हालांकि, दूसरे गेम में जापानी खिलाड़ी ने बेहतर खेल दिखाया। उन्होंने 8-10 से सिंधु से पिछडऩे के बावजूद 16-12 से बढ़त बना ली। इससे सिंधु पर दबाव बढ़ा। यामागुची ने इसका फायदा उठाया और 22 मिनट तक चले दूसरे गेम को 21-15 से अपने नाम किया। तीसरा गेम रोमांचक रहा। इसमें यामागुची ने एक समय सिंधु के खिलाफ 7-3 से बढ़त बनाई। लेकिन भारतीय शटलर ने लगातार अंक बनाए और 16-10 से स्कोर अपने पक्ष में किया। इसके बाद यामागुची एक भी अंक नहीं बना पाईं और सिंधु ने 21-15 से गेम जीतने के साथ ही मुकाबला जीत लिया। ताई जू युंग ने सेमीफाइनल में भारत की साइना नेहवाल को 21-17, 21-14 से हराया। हालांकि, साइना सेमीफाइनल में हारने के बावजूद बैडमिंटन के महिला एकल में पदक जीतने वाली पहली भारतीय बन गईं। बैडमिंटन में सेमीफाइनल हारने वाले खिलाड़ी को कांस्य पदक दिया जाता है। साइना का एशियाड में एकल स्पर्धा में यह पहला पदक है। उन्होंने 2014 इंचियोन एशियाई खेलों में महिला टीम स्पर्धा में कांस्य पदक जीता था। साइना और ताई जू युंग के बीच अब तक 17 मुकाबले हुए। इनमें साइना पांच और युंग 12 जीतने में सफल रहीं। साइना नवंबर 2014 के बाद से युंग के खिलाफ कोई मुकाबला नहीं जीत पाईं हैं।

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