भारतीय पुरूष रिकर्व टीम ने विश्व तीरंदाजी चैम्पियनशिप के फाइनल में किया प्रवेश

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डेन बोश
ओलंपिक कोटा हासिल कर चुकी भारतीय पुरूष रिकर्व टीम ने नीदरलैंड जैसी मजबूत टीम को हराकर 2005 के बाद पहली बार विश्व तीरंदाजी चैम्पियनशिप के फाइनल में प्रवेश कर लिया। भारतीय टीम की नजरें पहले खिताब पर रहेगी जब फाइनल में मुकाबला चीन से होगा। चीन ने सेमीफाइनल में कोरिया को 6.2 से हराया। तोक्यो ओलंपिक 2020 का कोटा हासिल करने के एक दिन बाद तरूणदीप राय, अतनु दास और प्रवीण जाधव की भारतीय तिकड़ी ने शूटआफ में 29.28 से जीत दर्ज की। कुल स्कोर 5.4 का रहा।
पुरूष रिकर्व टीम दूसरी बार विश्व चैम्पियनशिप फाइनल में पहुंची है। मैड्रिड में 2005 में भारतीय टीम में राय, जयंत तालुकदार और गौतम सिंह थे जो फाइनल में कोरिया से 232.244 से हार गए थे। भारतीय महिला कंपाउंड टीम वर्ग में पदक की दावेदार है जो शनिवार को कांस्य पदक के प्लेआफ मुकाबले में तुर्की से खेलेगी। एशियाई खेलों की रजत पदक विजेता ज्योति कांस्य पदक के लिये दुनिया की नंबर दो खिलाड़ी तुर्की की येसिम बोस्तान से खेलेगी। क्वार्टर फाइनल में चीनी ताइपै को 6.0 से हराने के बाद भारतीय पुरूष रिकर्व टीम को मेजबान टीम से कड़ी चुनौती मिली। नीदरलैंड टीम में दुनिया के नंबर दो तीरंदाज स्टीव विजलेर, रियो ओलंपिक 2016 में सेमीफाइनल तक पहुंचे जेफ वान डेन बर्ग और लंदन ओलंपिक 2012 में सेमीफाइनल खेलने वाले रिक शामिल थे। भारतीय टीम दो बार मैच में पिछड़ी लेकिन राय ने अपने अनुभव का पूरा इस्तेमाल करके मैच को शूटआफ तक खिंचा। भारतीय पुरूष टीम 2014 के बाद पहली बार फाइनल में पहुंची है। उसने 2014 में व्रोक्ला में विश्व कप के चौथे चरण में रजत पदक जीता था जिसमें राय, दास और जयंत तालुकदार शामिल थे। भारत ने विश्व कप में नौ साल पहले स्वर्ण पदक जीता था और राय तब भी उस टीम में थे।

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