अब बिना काऊसलिंग एवं टेस्ट नहीं बन पाएंगे लर्निंग लाईसेंस

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अलवर
अलवर आरटीओ आफिस में बनने वाले लाईसेंस अब आसानी से नही बन पाएगें अब लाईसेंस बनवाने के लिए लाईसेेंसी को लम्बी प्रक्रिया से होकर गुजरना होगा। जिससे वह कुशल चालक बन सके। सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए प्रादेशिक परिवहन कार्यालय अलवर में लाईसेंस हेतु आने वाले आवेदकों को सड़क सुरक्षा की ट्रेनिंग देना प्रारम्भ कर दिया गया है। प्रादेशिक परिवहन अधिकारी अनिल कुमार जैन ने बताया कि लर्निंग लाईसेंस से पहले समस्त आवेदकों को काऊसिंग रूम में बैठकर प्रशिक्षण प्राप्त करना होगा। काऊसलिंग रूम में टीवी स्क्रीन पर सड़क सुरक्षा से संबधित विभिन्न लघु फिल्म दिखाई जाएगी तथा पम्पलेट व बुकलेट पढऩे के लिए दिए जाएगे। साथ ही वहां प्रदर्शित पोस्टर व बैनर द्वारा एवं परिवहन अधिकारियों द्वारा आवश्यक जानकारी दी जाएगी।
आज आरटीओ अनिल जैन ने इस प्रक्रिया का श्रीगणेश करते हुए लाईसेंस बनवाने लाए आवेदकों को सम्बोधित करते हुए उन्हें सड़क सुरक्षा के बारे में जानकारी दी। जैन को उम्मीद है कि इस प्रक्रिया सड़क दुर्घटना में कमी लाने वाले अच्छे परिणाम मिलेगे। आज सभी आवेदको को को काऊ सलिंग रूम में भेजा और उन्हें सड़क सुरक्षा के संदर्भ में एक फिल्म को दिखाया। इसके बाद स्वयं आरटीओ अनिल जैन ने लोगों को सड़क सुरक्षा के बारे में जानकारी दी। इसके बाद प्रत्तेक घंटे में लाईसेंस बनवाने वालो को सब इंस्पेक्टर धर्मसिंह मीणा ने सड़क सुरक्षा के बारे में जानकारी दी। काऊसलिंग के बाद लाईसेंस बनवाने वालों का टेस्ट हुआ और बाद में उन्हें सफल असफल घोषित किया गया। इस प्रक्रिया के दौरान बनने वाले सभी लाईसेंस धारक जागरूक लाईसेंसधारक बनगें जिससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी। यहां उल्लेखनीय है कि आरटीओ अनिल जैन लोगों को जागरूक करने के लिए सड़क सुरक्षा के लिए महारैलियां प्रदेश के 23 जिलों में कर चुके है और अलवर में भी जल्दी ही इस प्रकार की रैली का आयोजन करने वाले है।