लुपिन का 31वॉ स्थापना दिवस समारोह हुआ आयोजित

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भरतपुर
लुपिन का 31वां स्थापना दिवस समारोह शुक्रवार को ऑडिटोरियम में आयोजित हुआ जिसमें विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 31 लोगों के अलावा 3 गॉवों को भी आदर्श ग्राम पुरस्कार के रूप में सम्मानित किया गया। समारोह में मुख्य अतिथि जिला कलक्टर संदेश नायक उपस्थित थे तथा विशेष आमंत्रित अतिथियों में भरतपुर रैन्ज की आईजी मालिनी अग्रवाल, रायबरेली के महाराजा कौशल्य सिंह, गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति के सलाहकार बसंत कुमार, शिक्षाविद् वासुदेव गुप्ता, चैम्बर के संभागीय अध्यक्ष केके अग्रवाल, पूर्व प्रधान मनोज सिंह उपस्थित थे। समारोह में जिला कलक्टर संदेश नायक ने कहा कि रोजगारपरक प्रशिक्षण निश्चय ही बेरोजगारी दूर करने में सहायक रहे हैं किन्तु प्रशिक्षण स्थानीय आवश्यकता के अनुरूप देने की जरूरत है ताकि प्रशिक्षणार्थी आसानी से अपना स्वरोजगार का कार्य प्रारम्भ कर सकें। उन्होंने लुपिन फाउण्डेशन द्वारा कृषि, पशुपालन, स्वरोजगार व बेरोजगार युवक-युवतियों को रोजगारपरक प्रशिक्षण देने जैसे कार्यों की प्रशन्सा करते हुये कहा कि निश्चय ही विकास को गति मिली है। उन्होंने संस्था द्वारा धौलपुर, विदिशा एवं नन्दूरबार आकांक्षी जिलों में विभिन्न विकास कार्यों में अपनी सहभागिता निभाने के कार्य को भी अनुकरणीय बताते हुये कहा कि भरतपुर जिले में भी महिला विकास सहित स्वास्थ्य के क्षेत्र में और गति प्रदान करने की आवश्यकता है। कार्यक्रम में भरतपुर रैन्ज की पुलिस महानिरीक्षक मालिनी अग्रवाल ने कहा कि ग्रामीणों की सहभागिता एवं सरकार के सहयोग से शुरू किये गये कार्य निश्चय ही उपयोगी सिद्ध होते हैं क्योंकि ऐसे कार्य समय पर पूरे होने के साथ गुणवत्तापूर्ण रहते हैं। उन्होंने कहा कि विकास से अपराधों में कमी आती है और जहां विकास तेजी से बढ़ा है वहां अपराधों का ग्राफ भी कम होता दिखाई दे रहा है। उन्होंने बताया कि आज के युवाओं को सही मार्गदर्शन एवं उचित सलाह देने की आवश्यकता है ताकि वे विकास में अपनी सहभागिता निभा सकें। उन्होंने लुपिन फाउण्डेशन द्वारा संचालित कार्यों की प्रशन्सा करते हुये कहा कि जहां आपसी सहभागिता अधिक मजबूत होती है वहां विकास को अपेक्षित गति मिल जाती है। समारोह में रायबरेली के महाराजा कौशल्य सिंह ने कहा कि वर्तमान में शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पर्यावरण पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है। इन पर ध्यान देने के पश्चात ही विकास को संतुलित गति प्रदान हो सकती है। उन्होंने कहा कि हमें रासायनिक खादों के स्थान पर जैविक खादों के उपयोग की अधिक आवश्यकता है तभी हम मिट्टी की गुणवत्ता के साथ पर्यावरण को संरक्षित कर सकेंगे। इस अवसर पर शिक्षाविद् वासुदेव गुप्ता, गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति के सलाहकार बसन्त कुमार ने भी अपने विचार व्यक्त किये। प्रारम्भ में लुपिन के अधिशाषी निदेशक सीताराम गुप्ता ने कहा कि संस्था द्वारा 2 अक्टूबर 1988 से भरतपुर जिले से शुरू किया गया ग्रामीण विकास का यह कार्य आज 9 राज्यों के 22 जिलों तक पहुॅच गया है। उन्होंने बताया कि भरतपुर जिले के करीब 29 हजार बेरोजगार युवक-युवतियों को स्वरोजगार का प्रशिक्षण देकर कार्य शुरू कराया है जिससे भरतपुर जिला गरीबी के स्थान पर सशक्त जिले के रूप में अपनी पहचान कायम करने के लिये प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 तक संस्था करीब 50 हजार युवाओं को प्रशिक्षण देगी जिसके लिये सभी ब्लॉक मुख्यालयों पर रोजगारपरक प्रशिक्षण केन्द्र स्थापित किये हैं। कार्यक्रम स्थल पर संस्था द्वारा जिले के विभिन्न क्षेत्रों में लघु उद्यमी एवं महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किये गये उत्पादों और कृषि, सौर ऊर्जा के क्षेत्र मंर कार्य करने वाली कम्पनियों ने अपने-अपने उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई जिसका अतिथियों द्वारा अवलोकन किया गया। इससे पहले प्रख्यात भपंगवादक गफरूद्दीन मेवाती ने गणेश वन्दना प्रस्तुत की। कार्यक्रम में जिले के 5 सफल उद्यमियों की सफलता की कहानी पर एवं लुपिन की 30 वर्षों की सफलता पर आधारित लघु फिल्म प्रदर्शित की गई। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 31 लोगों प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया जबकि जिले के रारह, अटारी एवं मातूकी गॉव को आदर्श ग्राम पुरस्कार के रूप में 31-31 हजार रूपये का चैक व ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर पुणे के रावसाहेब बड़े, चुन्नी कप्तान, हेमराज गोयल, डॉ0 गोविन्द गुप्ता, बबलू कुरका सहित लुपिन ग्राम विकास पंचायतों के अध्यक्ष एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। अंत में लुपिन के मुख्य कार्यक्रम प्रबन्धक शिवशंकर सिंह ने सबका आभार व्यक्त किया तथा संचालन बाल विकास परियोजना अधिकारी महेन्द्र अवस्थी ने किया।