पुलिस की दबंगई, वकील को जमीन पर पटक कर उप निरीक्षक ने वाटर वक्र्स चौराहे पर की जमकर धुनाई

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धौलपुर
जिले की पुलिस अब आमजन को सुरक्षा देने की बात तो दूर रही पुलिस ही अब आमजन के लिए भक्षक बन गई है। 11 सितम्बर की देर शाम को एनएच तीन पर स्थित ढाबे से खाना खाकर  घर आ रहे एक अधिवक्ता सत्यदेव त्यागी को कोतवाली थाने में तैनात उप निरीक्षक बच्चू सिंह ने पकड़ लिया और जबरदस्ती वकील के साथ अभद्रता करने लगे कि तूने शराब पी हैं। वकील सत्यदेव द्वारा शराब पीने से  मना करने पर पुलिस उप निरीक्षक भड़क गए। पुलिस का पुलिसिया रौब शुरू हो गया। अधिवक्ता सत्यदेव त्यागी को उप निरीक्षक बच्चू सिंह ने दबोच लिया और लात-घूंसो और डण्डो से जमकर हमले कर दिए। /अधिवक्ता बचाने की गुहार लगाता रहा। पुलिस का रौब कम नहीं हुआ तो उप निरीक्षक बच्चू सिंह वकील को गाडी में पटक कर कोतवाली थाने ले गए। जहां फिर से उप निरीक्षक बच्चू सिंह को ताब आ गया और अधिवक्ता को जमीन पर डाल कर डंडों से टूट पड़ा। जिससे अधिवक्ता बेहोश भी हो गया। लेकिन पुलिस का क्रोध शांत नहीं हुआ। अधिवक्ता के साथी वकील को जब घटना की जानकारी हुई तो सत्यदेव को मिन्नते कर पुलिस से मुक्त कराया। लेकिन वकील की काफी गंभीर हालत होने साथी ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया। जहां रात भर उपचार किया गया। अधिवक्ता सत्यदेव की पसलियों,पीठ,हाथ-पैरों और आंखो में गहरी चोट पहुंची है। घटना की जानकारी आज गुरुवार को जैसे ही कचहरी में फैली तो सभी वकील एकत्रित हो गए और पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर हंगामा किया। कचहरी के सभी वकीलों ने कार्य का बहिष्कार कर दिया। कोर्ट परिसर में ही धरना दे दिया। सभी अधिवक्ता एकत्रित होकर शहर में पुलिस के खिलाफ जूलूस निकालकर कर प्रदर्शन किया। आक्रोशित वकीलों ने कलेक्ट्रेट पहुंच कर जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा। आक्रोशित वकीलों ने जिला कलक्टर से आरोपी उप निरीक्षक बच्चू सिंह की तुरंत निलंबन की मांग की हैं।उधर पुलिस की तरफ से वकीलों से समझाइस करने पहुंचे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेंद्र वर्मा ने आरोपी उप निरीक्षक बच्चू सिंह के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया है। फिलहाल वकीलों में पुलिस की कार्यशैली को लेकर आक्रोश बना हुआ है। देखा जाए तो जिले में पुलिस की आमजन और वकीलों के साथ यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पूर्व भी कोतवाली थाना सहित अन्य थानों की पुलिस मारपीट की घटना कर चुकी है। लिहाजा सभी मामलों में पुलिस को बैकफुट पर रहना पड़ा था।