पीएलवी अधिक से अधिक करें विधिक सेवा योजनाओं का प्रचार-प्रसार : श्रीमाली

img

धौलपुर
राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर कार्यालय जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में पैरा लीगल वॉलिन्टियर का ऑरिएन्टेशन प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जिला एवं सेशन न्यायाधीश चन्द्रप्रकाश श्रीमाली ने कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। जिला एवं सेशन न्यायाधीश चन्द्रप्रकाश श्रीमाली ने माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन किया गया। कार्यक्रम में श्रीमालीजी द्वारा कार्यक्रम का परिचय, कार्यक्रम के उद्धेष्य, पैरा विधिक स्वयं सेवकों की भूमिका, कर्तव्य, डे्रस कोड, व्यवहार के मानदंड, नैतिकता, कानूनी सेवा क्लीनिक, बिजली पानी, सड़क, बीमा, ट्रांसपोर्ट इत्यादि के संबंध में लगने वाली स्थाई लोक अदालत, पारिवारिक विवाद, नि:शुल्क विधिक सहायता, मानसिक रोगियों को दी जाने वाली सहायता इत्यादि के संबंध में विस्तार से जानकारी प्रदान की। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव शक्ति सिंह द्वारा पैरा विधिक स्वयं सेवकों के लिए करने तथा नहीं करने योग्य बातें, रालसा व नालसा की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, पीडित प्रतिकर स्कीम इत्यादि की जानकारी प्रदान की। विशिष्ठ न्यायाधीश एससी व एसटी द्वारा वैकल्कि विवाद निस्तारण (मध्यस्थता), लोक अदालत व राष्ट्रीय लोक अदालत के लाभों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। न्यायिक मजिस्टे्रट सुश्री अंकिता सिंघल द्वारा पीएलवी को कानून की सामान्य जानकारी प्रदान की। उप पुलिस अधीक्षक सुरेश चंद मीणा ने पैरा लीगल वॉलिटयर्स को समाज के शोशित एवं वंचित लोगों के प्रति संविधान में वर्णित राज्य के उत्तरदायित्व, आर्थिक सहायता एवं कानून के बारे में सामान्य जानकारी दी।ाजेन्द्र गुर्जर द्वारा समाज कल्याण विभाग द्वारा जारी योजनाओं, मनरेगा, पेंशन, अंत्योदय योजना, पालनहार योजना, राशन कार्ड, भामाशाह कार्ड, आधार कार्ड, वोटर कार्ड, पासपोर्ट, छात्रवृत्ति योजना, चाईल्ड हेल्पलाईन नंबर 1098 इत्यादि के बारे में जानकारी प्रदान की। विधि महाविद्यालय की सेवानिवृत्त प्राचार्य श्रीमती तलत फातिमा ने भारतीय संविधान द्वारा प्रदान किये गये मूलभूत अधिकार, मौलिक कर्तव्य, अनुच्छेद 39ए, विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, नीति निदेषक तत्व इत्यादि के संबंध में जानकारी प्रदान की। जिला कारागृह डिप्टी जेलर रोहित कौशिक द्वारा जेल मेन्युअल, बंदियों के अधिकार इत्यादि के संबंध में जानकारी प्रदान की। जिला चिकित्सालय के पी.एम.ओ. जनार्दर सिंह परमार द्वारा मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति एवं एसिड अटैक पीडितों को दी जाने वाली सहायता/सुविधाओं के बारे में जानकारी दी व जननी सुरक्षा योजना व राजश्री योजना के संबंध में जानकारी प्रदान की। इसके पश्चात् प्रष्नोत्तर एवं पीएलवी की जिज्ञासाओं व समस्याओं के समाधान के साथ प्रषिक्षण सत्र का समापन किया गया।