रोडवेज को 100 करोड़ का सीधा फटका

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जयपुर
रोडवेज की जाम हड़ताल का शुक्रवार को उन्नीसवां दिन था। हड़ताल पर अनदेखी और ढि़ले रवैये ने सिसकती हुई रोडवेज को सौ करोड़ का फटका सीधे तौर पर और लगा दिया है। जी हां, उन्नीस दिन बसें जाम रही तो सौ करोड़ रुपए का नुकसान हो गया है। लेकिन ध्यान देने वाला कोई नहीं है। कर्मचारी अपनी मांगों पर डटे हैं तो प्रबंधन अपनी दुहाई देकर अड़ा हुआ है। ये है सौ करोड़ का गणित दरअसल रोडवज की 4700 बसें रोड 17 लाख किमी का चक्कर लगाती हैं। दिन भर में कमाई करीब 5.32 करोड़ की होती है। ऐसे में अगर 19 दिनों की बात करें तो इन दिनों में रोडवेज के नहीं चलने से 101 करोड़ की आमदनी का नुकसान हुआ है। ऊपर से कर्मचारियों समेत बाकी बकाया जस की तस सिर पर पड़ा हुआ है।

यात्री परेशान, परिवार हलकान
दोहरी मार यात्रियों पर भी पड़ रही है। एक दिन में रोडवेज की बसें 10 लाख यात्रियों को यात्रा करवाती है। ऐसे में 19 दिन में एक करोड़ 90 लाख यात्री रोडवेज में सफर करने से महरूम रहे हैं। इसका सीधा फायदा निजी बसों को मिला है। उन्होंने मनमानी ढंग से चांदी लूटी है।

तीन माह में दूसरी हड़ताल
बात अगर इस हड़ताल की करें तो हड़ताल पहली बार नहीं हो रही है। पिछले तीन महीने में दो बार हड़ताल हो चुकी है। पहली बार हड़ताल 25 से 27 जुलाई को की गई थी। हड़ताल की शुरुआत एक दिन से की गई और फिर यह तीन दिन तक चली। इसी समझौते की बातों को लागू करने के लिए रोडवेज कर्मचारियों के संयुक्त मोर्चे ने दोबारा जाम किया।

इनका कहना है...
हम तो शुरू से कह रहे हैं कि बात की जा सकती है। वाजिब मांगें तो माननी होंगी। नुकसान रोडवेज का ही हो रहा है। प्रबंधन के अड़े रहने से कोई रास्ता नहीं निकलेगा। 19 दिन में सौ करोड़ का नुकसान तो यूं ही हो गया है।
- एमएल यादव