आर्य ग्रुप ऑफ कॉलेजेस ने बनाया कृत्रिम हाथ

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जयपुर
विष्व प्रसिद्ध जयपुर फुट के बाद अब अपने हाथ गंवा चुके ऐसे दिव्यांगों को 'जयपुर हैण्ड' के रूप में कृत्रिम हाथ उपलब्ध हो सकेगा, जिसके उपयोग से विकलांगो का जीवन आसान हो सकेगा। जयपुर स्थित आर्य ग्रुप ऑफ कॉलेजेस (ए.जी.सी.) ने एक कृत्रिम हाथ विकसित किया है। जिसे लगााकर हाथ खो चुके विकलांग सामान्य हाथ की तरह इसका उपयोग कर सकेगें। पश्चिम के देशों मे ऐसे ही कृत्रिम हाथ जहॉ पचास से साठ लाख रूपये मे उपलब्ध होता है, वहीं आर्य ग्रुप ऑफ कोलेजेस द्वारा विकसित यह हाथ केवल 35,000/- रूपये मे बना लिया है। आर्य गु्रप ऑफ कॉलेजेस की वाईस प्रेसिडेन्ट डॉ. पूजा अग्रवाल ने बताया कि कोलेज के शोधकश्र्राओ ने इस 'बायोनिक हैण्ड' का आविष्कार किया है, जो मस्तिष्क द्वारा दिये गए आदेशों पर चलता है। मानव के हाथ की तरह यह कार्य करता है और इससे सामान्य हाथ की तरह उपयोग मे लाया जा सकेगा। इस 'बायोनिक हैण्ड' जिसे 'जयपुर हैण्ड' के रूप मे पहचान दी गई है का प्रदर्शन एक विकलांग मुकेश शर्मा द्वारा किया गया। एक दुर्घटना मे अपना बांया हाथ गंवा चुके मुकेश इस 'जयपुर हैण्ड' का उपयोग अपने रोजाना के कार्य के लिए सहजता से करते है। आर्य ग्रुप के प्रेसिडेन्ट डॉ. अरविन्द अग्रवाल ने बताया कि आधुनिक प्रौधोगिकी का उपयोग कर केवल 35 हजार की कीमत से अविष्कृत 'बायोनिक हैण्ड' विश्व स्तर का है और इसे 'जयपुर हैण्ड' के नाम से प्रसिद्धी मिलेगी। उन्होने कहा कि आरम्भ मे ऐसे 'जयपुर हैण्ड' को बीस लोगो को भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति के सहयोग से मुफ्त भेंट किया जाएगा। ग्राण्ड उनियांरा मे आयोजित एक भव्य समारोह में जयपुर फुट की निर्माता संस्था भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति के संस्थापक और मुख्य संरक्षक डी.आर.मेहता, कार्यकारी अध्यक्ष विरेन्द्र राज मेहता और एस.एस.भण्डारी, सचिव भूपेन्द्र राज मेहता, सचिव डॉ. दीपेन्द्र मेहता, कोषध्यक्ष विमल चौपडा, मुख्य कार्यकारी अधिकारी एस.एस.बिस्सा, मुख्य तकनीकि सलाहकार डॉ. एम.के.माथुर की उपस्थिति मे डी.आर.मेहता और डॉ.अरविन्द अग्रवाल ने एक एम.ओ.यू. पर हस्ताक्षर किए।