भाजपा के दावे बड़े, किन्तु सरकार हर मोर्चे पर विफल : आनन्द शर्मा

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जयपुर
प्रदेश में भाजपा सरकार ने जनहित में कोई कार्य नहीं किया, किन्तु दावे बड़े-बड़े किये हैं। राजस्थान सरकार हर मोर्चे पर विफल रही है, किन्तु साधनों का दुरूपयोग कर भाजपा सरकार ने जनता को गुमराह करने का असफल प्रयास किया है। उक्त विचार पूर्व केन्द्रीय मंत्री श्री आनन्द शर्मा, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता श्री पवन खेड़ा तथा एआईसीसी मीडिया कोर्डिनेटर श्री रोहन गुप्ता ने आज प्रदेश कांग्र्रेस मुख्यालय, जयपुर पर आयोजित प्रेसवार्ता को सम्बोधित करते हुए व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि भाजपा ने प्रदेश में कुशल प्रशासन देने की बात कही थी, किन्तु स्थिति यह कि राजस्थान में 1,40,000 महिलाओं के साथ अत्याचार के अपराध हुए तथा औसतन प्रतिदिन 13 महिलाओं एवं बच्चियों के साथ दुष्कर्म के अपराध दर्ज हो रहे हैं जो कि काफी चितां का विषय है। उन्होंने कहा कि राजस्थान में बेरोजगारी बेतहाशा बढ़ती जा रही है तथा राष्ट्रीय बेरोजगारी दर की औसत से राजस्थान की दर 13.7 प्रतिशत के साथ दुगुनी है। उन्होंने कहा कि राजस्थान में भाजपा सरकार ने 3 लाख 10 हजार करोड़ से अधिक का निवेश आने की घोषणा की थी, किन्तु वास्तविकता में कितने एमओयू साईन हुए इसका जवाब देने से प्रदेश की भाजपा सरकार बच रही है। उन्होंने कहा कि राजस्थान प्रदेश में कुल एफडीआई का केवल 0.5 प्रतिशत ही निवेश आया है, सामाजिक पैमाने पर देखें तो शिक्षा, रोजगार और कुपोषण में राजस्थान लगातार पिछले पांच वर्षों में पिछड़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अच्छे शासन की जगह भाजपा सरकार ने समाज में भय व खौफ का वातावरण व्याप्त किया है, आम नागरिक खुशहाल होने की बजाए अभावों व तकलीफों में जिन्दगी बसर कर रहा है। भाजपा की राज्य व केन्द्र सरकार ने अपनी गलत नीतियों व निर्णयों से जनता को कष्ट दिया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने दो करोड़ रोजगार देने का वादा किया था, किन्तु हर वादे को जुमला कहकर जनता के साथ क्रूर मजाक किया है। उन्होंने कहा कि झूठे वादे व सब्जबाग दिखाकर प्रधानमंत्री ने सत्ता भले ही हासिल कर ली हो किन्तु अब जनता को जवाब देने का
वक्त आ गया है। श्री आनन्द शर्मा ने कहा कि केन्द्र सरकार के दो गलत फैसलों के कारण पूरे देश का आर्थिक ढांचा चरमरा गया है। नोटबंदी के माध्यम से प्रधानमंत्री ने देश की 86 प्रतिशत नकदी को रद्द कर जनता से उसका ही पैसा छीन लिया तथा रद्द नकदी को कालाधन कहकर पूरे विश्व में देश की जनता को शर्मसार किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने दावा किया था कि नोटबंदी से कालाधन बाहर निकलेगा, आतंकवादियों को मिलने वाले पैसे पर अंकुश लगेगा, नकली मुद्रा समाप्त होगी तथा भ्रष्टाचार समाप्त होगा, लेकिन दु:ख की बात है कि यह सभी दावे गलत साबित हुए। बैंकों के पास 99.4 प्रतिशत नकदी वापस लौट आई, केवल 10 हजार 478 करोड़ रूपया वापस बैंक में जमा नहीं हुआ, केवल 10 दिन में ही नये छपे नोट कश्मीर मारे गये आतंकवादियों के पास मिले तथा 2 हजार के नकली नोट बांग्लादेश की सीमा पर पकड़े गये। प्रधानमंत्री के इस गलत फैसले के कारण 133 लोगों को बैंकों के बाहर कतार में लगने से अपनी जान गंवानी पड़ी तथा 44 दिन तक औसतन 11 करोड़ लोग बैंकों के बाहर अपनी ही पूंजी को वापस प्राप्त करने हेतु सब कुछ छोडक़र बैंकों के बाहर लाईन में लगे रहे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने इस ओर ध्यान नहीं दिया कि भारत में 6 लाख 50 हजार गांवों
पर केवल 1 लाख 40 हजार बैंक हैं जिस कारण गरीबों, किसानों, मजदूरों एवं महिलाओं को नकद पैसा साथ रखना पड़ता है जो कि कड़ी मेहनत की कमाई है। उन्होंने कहा कि नोटबंदी के फैसले से देश की अर्थव्यवस्था उभरी नहीं थी कि प्रधानमंत्री में जीएसटी लागू करने का गलत फैसला ले लिया, कांग्रेस पार्टी ने संविधान संशोधन से पूर्व प्रधानमंत्री के समक्ष सुझाव रखा था कि जीएसटी में केवल तीन मद ही रखे जाकर एक सरल प्रक्रिया के तहत् कराधान की व्यवस्था की जाए, किन्तु संविधान संशोधन के पश्चात् प्रधानमंत्री
श्री नरेन्द्र मोदी ने कांग्रेस से किये गये वादे की अनदेखी कर एक जटिल प्रक्रिया वाली जीएसटी लागू कर देश के लघु एवं मध्यम उद्योगों पर जबरदस्त बोझा लाद दिया। जीएसटी की 5 दर लागू की गई हैं किन्तु 45 प्रतिशत से अधिक उत्पाद जीएसटी से बाहर रखे गये हैं जिनमें मुख्य रूप से पेट्रोल, डीजल, बिजली, रीयल स्टेट, सीमेंट, स्टील शामिल हैं जिस कारण जनता को दोहरे करों की मार झेलने पड़ रही है। उन्होंने कहा कि नोटबंदी व जीएसटी के कारण लघु एवं माध्यमिक उद्योग जो 40 प्रतिशत रोजगार प्रदान करते हैं एवं देश के 50 प्रतिशत निर्यात का हिस्सा हैं, पर जबरदस्त प्रहार हुआ है तथा एक तिहाई उद्योग बंद हो गये व 4 करोड़ से अधिक लोगों का रोजगार छिन गया। उन्होंने कहा कि श्री नरेन्द्र मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे तो अर्थव्यवस्था एवं रूपये की कीमत को लेकर तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह पर अभद्र भाषा में आलोचना करते थे, अब जबकि डॉलर 58 रूपये की बजाए 78 रूपये
का हो गया है तो सरकार की तरफ से कोई जवाब नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था के सुदृढ़ होने के झूठे दावे किये जा रह हैं जबकि देश की मुद्रा लगातार गिर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान जब कच्चे तेल की कीमत 109 डॉलर प्रति बैरल थी तथा देश 190 अरब डॉलर का कच्चे तेल का आयात कर रहा था तब भी भारत में पेट्रोल की कीमत 71 रूपये तथा डीजल की कीमत 58 रूपये प्रति लीटर मात्र थी, इसके विपरीत भाजपा की केन्द्र सरकार के कार्यकाल के दौरान अधिकांशत: कच्चे तेल की कीमत 50 डॉलर प्रति बैरल के आस-पास रही तथा आज भी लगभग 61 डॉलर प्रति बैरल ही है, किन्तु पेट्रोल व डीजल की कीमतें आसमान छू रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने आमजनता पर 13 लाख करोड़ रूपये का बोझ डालकर अनुचित मुनाफा कमाया है। श्री शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा था कि ना खाऊंगा और ना खाने दूंगा, किन्तु राजस्थान सहित मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकारों के बड़े-बड़े घोटाले उजागर हुए हैं, किन्तु उनके खिलाफ कार्यवाही करना तो दूर जॉंच तक नहीं की जा रही है। प्रधानमंत्री स्वयं राफेल विमान खरीद घोटाले में सम्मिलित हैं, इसीलिए कांग्रेस की ज्वाइंट पार्लियामेंट कमेटी से जांच करवाने की मांग पर मौन धारण किये हुए हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने कांग्रेस की पूर्व सरकार द्वारा 126 जहाज खरीदने जिनमें से 108 जहाज देश में ही एचएएल कम्पनी द्वारा बनाये जाने का सौदा हुआ था, को रद्द कर बिना डिफेंस प्रोक्योरमेंट प्रोसिजर की अवेहलना कर केवल 36 विमान खरीदने का निर्णय स्वयं के स्तर पर ले लिया जबकि 25 मार्च, 2015 को वायु सेना, एचएएल एवं डसोर्ट ने संयुक्त बयान जारी कर 126 विमान का सौदा होना व 108 विमान एचएएल द्वारा बनाये जाने के निर्णय की
घोषणा की थी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जब फ्रांस गये तो एक सवाल के जवाब में सरकार के प्रतिनिधि ने एजेण्डे में राफेल सौदे बाबत् बातचीत शामिल न होने की बात कही थी, किन्तु प्रधानमंत्री ने बिना किसी पूर्व सूचना के स्वयं के स्तर पर 126 की बजाए 36 राफेल विमान खरीदने का सौदा कर लिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सभी कार्य नकारात्मक हैं तथा प्रधानमंत्री विपक्ष को और कांग्रेस नेतृत्व को कोसने के अलावा कोई कार्य नहीं करते हैं। उन्होंने कहा कि अब जनता ने मन बना लिया है कि राजस्थान सहित पूरे देश में भाजपा को विदा कर कांग्रेस की सरकार स्थापित की जाए। उन्होंने कहा कि राजस्थान के आगामी चुनावों में कांग्रेस पार्टी भारी बहुमत से जीत हासिल करेगी।