प्रदेश में फिर बनेगी भाजपा की सरकार : प्रकाश जावड़ेकर

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जयपुर
केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी, राजस्थान के प्रदेश चुनाव प्रभारी प्रकाश जावड़ेकर ने प्रेसवार्ता को सम्बोधित करते हुए कहा कि नामांकन वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद तथा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के कल के कार्यक्रम व रोड़ शो में जैसा उत्साह दिखा, उससे हम आश्वस्त हैं कि राजस्थान में फिर से भाजपा की सरकार बनेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी नेतृत्वविहीन तो थी ही अब मुद्दाविहीन भी हो गई है। कांग्रेस के नेता सोचते हैं कि जोर-जोर से और बार-बार झूठ बोलने से झूठ सच हो जाता है। लेकिन ऐसा होने वाला नहीं है। सोनिया गाँधी और राहुल गाँधी पर निशाना साधते हुए जावड़ेकर ने कहा कि जो स्वयं चार्जशीटेड़ हैं वे भाजपा को क्या चार्जशीट देंगे। कांग्रेस के स्टार प्रचारकों की सूची पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि अल्पेश ठाकुर और राज बब्बर उनके स्टार प्रचारक हैं। अल्पेश ठाकुर गुजरात में बिहारियों को मारने व भगाने का काम कर रहे थे और राज बब्बर नक्सलवादियों को क्रांतिकारी कहते हैं। राजस्थान में शेखावाटी के कई सपूत नक्सलवादियों से लड़ते हुए शहीद हो गये। क्या राज बब्बर यहाँ आकर भी नक्सलवादियों को भी क्रांतिकारी कहेंगे। नक्सलवादियों को क्रांतिकारी कहना क्रांतिकारियों का अपमान है। कांग्रेस पार्टी जाति, धर्म और प्रान्त के आधार पर भेदभाव करती है। अजय माकन के राहुल गाँधी के पैराशूट वाले बयान पर पलटवार करते हुए जावड़ेकर ने कहा कि राहुल गाँधी की बातों को जनता तो गम्भीरता से पहले से ही नहीं लेती थी,  किन्तु अब कांग्रेस के पदाधिकारी भी राहुल गाँधी के बयानों को गम्भीरता से नहीं लेते है। महागठबन्धन पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि बहुत सारे जीरो मिलकर हीरो नहीं बन सकते। उनके गठबन्धन का न तो कोई वैचारिक आधार है और ना हीं उसमें जनता के लिए कोई विचार है।
 राफेल के विषय में जावड़ेकर ने कहा कि यह दो सरकारों के बीच का समझौता है। इसमें कोई बिचैलिया नहीं है। कांग्रेस के हर रक्षा सौदे में बिचैलिए होते थे। इसलिए कांग्रेस को परेशानी हो रही है। 
नोटबंदी पर उन्होंने कहा कि यह घोटालों को साफ करने का काम था। नोटबंदी के कारण 16 लाख करोड़ रूपए बैंकों में जमा हुए। जहाँ भी संदिग्ध लेन-देन हुआ उन्हें नोटिस देने का काम निरन्तर चल रहा है। जावड़ेकर ने कांग्रेस को विकास व रोजगार के मुद्दे पर खुली चर्चा करने की चुनौती भी दी।