टिकटों को लेकर भाजपा का सख्त रवैया, 60 से ज्यादा टिकटों को लेकर मंथन

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जयपुर
भाजपा में टिकटों को लेकर जयपुर से लेकर दिल्ली तक घमासान मचा हुआ है। इसी घमासान से बीच आज एक बार फिर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की ओर से दिए गए फार्मूले को लेकर प्रदेश भाजपा से मंथन कर रही है। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, चुनाव विधान सभा चुनाव प्रबंधन समिति और कोर कमेटी के दिग्गज नेताओं ने सुबह राजधानी जयपुर में एक निजी होटल में 60 से ज्यादा असहमति और विवादित टिकटों पर फिर से मंथन किया। भाजपा सूत्रों के अनुसार आज हो रही चुनाव प्रबंधन समिति और कोर कमेटी विवादित और असहमति वाली सीटों पर दावेदारों को लेकर फिर से तैयार की गई ग्राउंड रिपोर्ट रखी जा सकती है और इन सीटों पर दावेदारों के पैनल तैयार कर शीर्ष नेतृत्व को भेजे जा सकते है। सूत्रों के अनुसार आज अंतिम तौर पर तय किए गए पैनल को 9 और 10 नवंबर को प्रस्तावित संसदीय बोर्ड में बैठक में रखा जाएगा और फिर पार्टी प्रत्याशियों की पहली जंबो सूची जारी कर सकती है। भाजपा सूत्रों के अनुसार शाह के निर्देश पर भाजपा के 22 बडे नेताओं को असहमति वाली 60 से ज्यादा सीटों पर दावेदारों के नामों पर फिर से छह बिंदुओं पर ग्राउंड रिपोर्ट तैयार करने के लिए जिलों का प्रभार दिया गया था। इन नेताओं ने 2 से 4 नवंबर तक भाजपा बूथ महा जनसम्पर्क अभियान के तहत भी दावेदारों की जमीनी हकीकत का पता लगाया है और शाह के मापदंडों के अनुरूप अपनी रिपोर्ट तैयार की है। सूत्रों के अनुसार जिन सीटों पर पहले सिंगल नाम के पैनल भेजे गए थे अब वहां दो—दो नाम हो सकते है। इनमें एक नया चेहरा और एक मौजूदा विधायक का नाम शामिल करने की बात भी सामने आ रही है। भाजपा के अंदरूनी सूत्रों की माने तो बीते पांच दिन में शीर्ष नेतृत्व की ओर से जो टिकटों को लेकर सख्त रवैया अपनाया गया है और जिलों में गए नेताओं को एक ही संदेश दिया गया है कि उसी दावेदार का नाम पैनल में होना चाहिए जो हर हाल में जिताउ हो और अपनी सीट बचा सके।