क्योंकि पहले के वादे ही पूरे नहीं हुए: पायलट

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जयपुर
राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सचिन पायलट ने भाजपा के घोषणा पत्र को निराशाजनक और 2013 की कार्बन कॉपी बताते हुए कहा है कि भाजपा सरकार अपने 2013 के वादों को चूंकि पूरा नहीं कर पाई इसलिए इन्हीं वादों को नये रूप में जनता के सामने प्रस्तुत करके भ्रमित करने की कोशिश की है लेकिन प्रदेश के नागरिक इस बात को समझते हैं कि किसानों की आय दोगुनी करने के लिए एमएसपी पर खरीद की प्रक्रिया पारदर्शी और सुदृढ़ करने की संकल्प शक्ति होती तो पिछली घोषणा के अनुसार एमएसपी पर खरीद के लिए स्थायी तंत्र का विकास कर लेती। इसी प्रकार सहकारी कृषि गण की राशि प्रतिवर्ष 20 हजार करोड़ करने का वादा करने वाली भाजपा सरकार शायद यह भूल गई कि पिछले पांच सालों में हर वर्ष जितने गण की घोषणा की गई उससे दो से तीन हजार करोड़ कम राशि का गण ही वितरित किया गया है। पायलट ने कहा कि 13 जिलों की 37 हजार करोड़ रूपये की पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना और उससे वंचित गांवों को पानी देने का वादा करने से पहले मुख्यमंत्री और भाजपा यह बताये कि पिछले दो बजटों में इसकी घोषणा हो रही है लेकिन प्रधानमंत्री इस योजना को राजस्थान में आकर भी मंजूर करने को तैयार नहीं है। ब्राह्मणी बनास, जवाई पुनर्भरण और माही बांध से हाई लेवल कैनाल योजनाओं की भी दो साल से बजट में घोषणा हो रही है परन्तु न योजना है और ना ही फण्डिंग है। उन्होंने कहा कि सरकारी क्षेत्र में 30 हजार प्रतिवर्ष अर्थात पांच साल में डेढ़ लाख सरकारी नौकरी देने का वादा करने वाली भाजपा सरकार यह भूल रही है कि डेढ़ लाख पद तो रिक्त ही पड़े हैं और पांच साल में सेवानिवृत्ति से जो पद रिक्त होंगे उनकी भर्ती क्या सरकार नहीं करेगी। पांच वर्ष में स्वरोजगार एवं निजी क्षेत्र में 50 लाख रोजगार के अवसर देने वाली भाजपा सरकार पिछले पांच साल में जिन 15 लाख लोगों को रोजगार दिया है उनके नाम सार्वजनिक क्यों नहीं करती। उन्होंने कहा कि भाजपा ने घोषणा पत्र लिखा है कि मनरेगा श्रमिकों को एक वर्ष में 100 दिन रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है और इन्हें अतिरिक्त रोजगार देने की योजना का वादा किया गया है। भाजपा को पहले यह जवाब देना चाहिए कि  पांच सालों में 100 दिन का रोजगार पूरा करने वाले परिवारों की संख्या आधी क्यों हो गई है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने अनेक वादे ऐसे किये हैं जिन पर सरकार को विगत् पांच सालों में काम करना था लेकिन सरकार हाथ-हाथ पर धरे बैठी रही, जैसे कि डीएमआईसी से लगे क्षेत्रों में औद्योगिक क्षेत्रों का निर्माण, जयपुर मेट्रो फेज टू का निर्माण, चिकित्सा विभाग के सभी रिक्त पदों को भरने का काम, रोजड़ों से पशुओं की सुरक्षा करने का काम। ऐसी अनेक घोषणायें हैं जिन पर भाजपा सरकार पूरी तरह निष्क्रिय रही। उन्होंने कहा कि भाजपा ने खाद प्रबंधन के बारे में एक शब्द भी नहीं बोला जबकि भाजपा सरकार के शासन में यूरिया को लेकर किसानों को डण्डे खाने पड़े, इसी तरह किसान आत्महत्या के बारे में भाजपा की सरकार किस प्रकार किसानों को सम्बल प्रदान करेगी इसके बारे में कुछ नहीं बोला गया और पिछले चुनाव घोषणा पत्र में कृषक सुरक्षा अधिनियम के वादे को इस घोषणा पत्र में भुला दिया गया है। पिछले घोषणा पत्र में ऐसे और भी वादे हैं जो पांच साल में छुए तक नहीं गये उन पर भी इस घोषणा पत्र में चुप्पी साध ली गई है। पायलट ने कहा कि जिस पार्टी की सरकार पांच साल तक सत्ता में रही हो उसे अपने घोषणा पत्र में पिछली घोषणाओं का विस्तृत लेखा-जोखा देना चाहिए और विपपार्टी के द्वारा पांच साल में लगाये गये आरोपों पर स्पष्टीकरण देना चाहिए अन्यथा नई घोषणाएं बेमानी है। लोकतंत्र का तकाजा यही है कि भाजपा सरकार कांग्रेस द्वारा उठाये गये 37 प्रश्रों और आरोप पत्र पर जवाब दे और अनेक घोटालों के लिए जनता से माफी मांगे क्योंकि अब भाजपा की हार तय है।