नवग्रह और 33 नक्षत्र को प्रदर्शित करेगा जयपुर का बोटैनिकल गार्डन

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जयपुर
जयपुर में बम्बला पुलिया स्थित शहर का पहला बोटैनिकल गार्डन जल्द ही पर्यटकों के लिए आक्रर्षण का केंद्र होगा। टोंक रोड स्थित द्रव्यवती नदी के किनारे 2.89 हेक्टेयर में बने बोटैनिकल गार्डन में 1300 प्रजातियों के 40,000 से अधिक पौधे देखने को मिलेंगे। गुलाबी शहर की नयी पहचान बनने वाला द्रव्यति रिवर फ्रंट में कुल 3 पार्क बनाये गए है लेकिन बोटैनिकल गार्डन अपने आप में ख़ास है। गार्डन में लगाए जा रहे अधिकतर पौधे ऐसे है जो अभी तक जयपुर के किसी भी पार्क में मौजूद नहीं है। बोटैनिकल गार्डन में लगाए जा रहे पौधे ख़ास तौर से बैंगलोर, कर्णाटक, पुणे, चेन्नई, कोलकत्ता, उत्तराखंड, और जम्मू कश्मीर से मंगाए गए है। जयपुर में मौजूद सभी गार्डन से बोटैनिकल गार्डन को अलग करता है। इसका रूप गार्डन को अलग अलग ज़ोन में बाटा गया है। बोटैनिकल गार्डन में बटरफ्लाई को लुभाने वाले पौधे भी लगाए गए हैं जिन्हे खासतौर पर बटरफ्लाई गार्डन में रखा गया है। बोटैनिकल गार्डन के एक हिस्से में ग्रीन हाउस का निर्माण किया गया है जहाँ जयपुर के मौसम नहीं लगने वाले पौधों को तापमान अनुसार रखा जायेगा। गार्डन का लुफ्त उठाने के लिए आने वाले सभी पर्यटकों के लिए पार्किंग की उत्तम व्यवस्था है। इसी के साथ रिवर व्यू फ़ूड कोर्ट और रिवर फ्रंट डेक का भी निर्माण किया गया है जहाँ से लोग रिवर को निहार सकते है और सेल्फी व ग्रूपफी ले सकते हैं। लोटस के फूलों की अलग अलग किस्म, गार्डन में स्थित 3 छोटे छोटे लोटस पोंड्स में देखने को मिलेगी मंडाना, बूदपूरा और कट्त्पा जैसे स्टोन्स गार्डन के अलग अलग हिस्सों में लगाए गए हैं जिन्हे जोधपुर, मध्य प्रदेश और देश के कई हिस्सों से मंगाया गया हैं। बोटैनिकल गार्डन का निर्माण टाटा प्रोजेक्ट्स द्वारा किया गया जो जयपुर शहर के पहला ऐसा गार्डन है। जिसे बहुत ही कम समय में यह रूप दिया गया है और जिसे देखने के लिए शहरवासि उत्साहित हैं।