ऊर्जा विकास निगम के सीईओ श्रीवास्तव ने दिया इस्तीफा, अब एसडीएम की खींचतान

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जयपुर
राजस्थान ऊर्जा विकास निगम के सीईओ आरके श्रीवास्तव के इस्तीफा के बाद अब नए सीईओ व एमडी लगाने के लिए लॉबिंग होने लगी है। श्रीवास्तव दिल्ली सरकार के अधिकारी है तथा ऊर्जा विकास निगम में डेपुटेशन पर आए है। श्रीवास्तव के पास ऊर्जा विकास निगम के प्रबंध निदेशक का चार्ज भी है। श्रीवास्तव के इस्तीफा के बाद ऊर्जा विकास निगम में लंबे समय से चीफ इंजीनियर लगे हुए एमएम रणवां के एमडी या सीईओ बनाने की संभावना बढ़ गई है। रणवा ऊर्जा राज्य मंत्री पुष्पेंद्र सिंह व ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव संजय मल्होत्रा के नजदीकी माने जाते है। हालांकि ऊर्जा विभाग का एक गुट आरके श्रीवास्तव को ही एमडी लगाने का  पक्ष ले रहा  है। लेकिन अब सीईओ के बजाए डायरेक्टर पद रखने की कवायद हो रही है। इस पर जयपुर डिस्कॉम से रिटायर हो चुके एसके माथुर को लगाने की संभावना जताई जा रही है। विधानसभा चुनाव की आचार संहिता के कारण यह नियुक्तियां निर्वाचन आयोग की अनुमति लेने के बाद ही हो सकती है। चुनाव के बाद परिस्थितियां बदलने की संभावना को देखते हुए यह कवायद की जा रही है। हालांकि ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव संजय मल्होत्रा ने इससे इंकार किया है। मल्होत्रा का कहना है कि श्रीवास्तव ने इस्तीफा दिया है, लेकिन हमें नहीं मिला है। आचार संहिता लग गई है, ऐसे में नई नियुक्तियां व ट्रांसफर नहीं हो रहे  है। राजस्थान ऊर्जा विकास निगम के सीईओ आरके श्रीवास्तव का कहना है कि सरकार को लिखे पत्र में मैने मूल विभाग दिल्ली सरकार में भेजने के लिए लिखा है। अब सरकार को हटाना होगा तो रिलीव कर देगी। अन्यथा मै काम कर ही रहा हूं।

श्रीवास्तव की आपत्ति के बाद आईएएस की नहीं हुई थी ज्वॉइनिंग
सरकार ने बीते मई में सीनियर आईएएस व ऊर्जा विभाग के विशेष सचिव पी. रमेश को ऊर्जा विकास निगम के एमडी का चार्ज दिया था। लेकिन श्रीवास्तव ने किसी के अधीन काम करने से मना कर दिया। इसके बाद पी.रमेश ने दो महीने तक एमडी पोस्ट पर ज्वॉइनिंग ही नहीं दी। इसके बाद उनको दुबारा केवल ऊर्जा विभाग के विशेष सचिव की जिम्मेदारी ही दे दी।