कांग्रेस में टिकट जिताऊ उम्मीदवार को ही मिलेगा, हाईकमान तय करेंगे उम्मीदवार

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जयपुर
कांग्रेस की प्रदेश चुनाव समिति की सोमवार को ढाई घंटे चली पहली और आखिरी बैठक में टिकट वितरण का अंतिम अधिकार हाईकमान पर छोडऩे का प्रस्ताव पारित कर दिया गया है। इसके साथ ही चुनाव समिति की बैठक की औपचारिकता पूरी हो गई है। अब टिकट के दावेदार स्क्रीनिंग कमेटी के सामने अपनी दावेदारी करेंगे। पार्टी हाईकमान राहुल गांधी ही उम्मीदवार तय करेंगे। टिकट वितरण के मापदंडों पर अभी खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन जिताऊ उम्मीदवार ही सबसे बड़ा मापदंड होगा। कांग्रेस में जब उम्मीदवारों की घोषणा होगी तभी पता चल पाएगा कि क्या मापदंड अपनाए गए हैं। पीसीसी में हुई प्रदेश चुनाव समिति की बैठक में समिति में शामिल 44 नेताओं में से 41 नेता मौजूद रहे। ज्योति मिर्धा और भंवर जितेंद्र सिंह समेत सुखराम बिश्नोई बैठक में नहीं आए। बैठक में 40 नेताओं ने बारी बारी से अपने सुझाव रखे। पीसीसी चीफ सचिन पायलट और राष्ट्रीय संगठन महासचिव अशोक गहलोत ने नेताओं से साफ शब्दों में कहा कि बड़े नेताओं के आदमी होने का दावा करके गुटबाजी नहीं फैलाएं। सब कांग्रेस के सदस्य हैं। टिकट जिताऊ उम्मीदवर को ही मिलेगा और जिसे कांग्रेस का टिकट मिले उसे जितवाना है। डॉ. सीपी जोशी ने युवा और नए चेहरों को टिकट देने का सुझाव दिया। बैठक में टिकट वितरण को लेकर नेताओं ने खुलकर सुझाव दिए। नेताओं ने हाल ही में पार्टी में शामिल हुए अफसरों को टिकट नहीं देने का सुझाव दिया और कहा कि इससे कार्यकर्ताओं का मनोबल गिरता है। पांच साल निष्क्रिय और केवल चुनाव के समय सक्रिय होने वालों को टिकट नहीं देने का सुझाव भी आया। ओबीसी के छोटे जातीय समूहों को टिकट देने और अब तक जिन वर्गों को मौका नहीं मिला उन जातियों के उमीदवारों को टिकट देने की भी कई नेताओं ने पैरवी की। नेताओं ने टिकट वितरण में सामान्य वर्ग का ध्यान रखने और सोशल इंजीनियिरिंग करने का भी सुझाव दिया गया।