अब तक 25 लाख 50 हजार से अधिक व्यक्तियों को मिला कैशलेस उपचार

img

जयपुर
प्रदेश में भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत अब तक 25 लाख 50 हजार से अधिक व्यक्तियों को कैशलेस इनडोर उपचार सेवाओं से लाभान्वित किया जा चुका है। अब तक 1800 करोड़ से अधिक की राशि के 33 लाख से अधिक क्लेम सबमिट किये जा चुके हैं। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री कालीचरण सराफ नेशनल हैल्थ मिशन एवं इलेट्स के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को एसएमएस कन्वेंशन सेन्टर में आयोजित इलेट्स चौथे हैल्थ केयर सम्मिट के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने इलेट्स ई-हैल्थ मैगजीन एवं जीवीके ईएमआरआई की मैगजीन का भी विमोचन किया। सम्मिट में विभिन्न प्रदेशों के स्वास्थ्य सचिव, मिशन निदेशकगण एवं स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया है। सराफ ने कहा कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग संकल्पबद्ध होकर आमजन को स्वास्थ्य सेवायें उपलब्ध करवाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहा है। उन्होंने सम्मिट में देश के विभिन्न क्षेत्रों से आये स्वास्थ्य विशेषज्ञ विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों के बारे में व्यापक चिंतन कर आमजन को स्वस्थ और निरोग बनाने के लिए व्यापक रूपरेखा बनाने पर बल दिया। उन्होंने विभाग द्वारा संचालित राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, आदर्श पीएचसी सहित विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं एवं राष्ट्र्रीय कार्यक्रमों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। हैल्थ केयर सम्मिट की अध्यक्षता कर रहे चिकित्सा राज्य मंत्री बंशीधर खण्डेला ने कहा कि प्रदेश में आमजन को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवायें मुहैया करवायी जा रही है।
राजस्थान ने पीसीपीएनडीटी एक्ट के क्रियान्वयन एवं डॉटर्स आर प्रीसियस जनजागरूकता अभियान संचालित कर बेटी बचाओ के क्षेत्र में एक आदर्श मॉडल स्थापित किया है। उन्होंने बताया कि विभाग के प्रभावी प्रयासों के चलते जन्म पर लिंगानुपात बढ़कर अब 950 हो गया है। स्वास्थ्य सचिव एवं मिशन निदेशक एनएचएम नवीन जैन ने विभाग द्वारा संचालित नवाचारों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इलेट्स हैल्थ केयर सम्मिट जैसे आयोजनों से देशभर में हो रहे तकनीकी नवाचारों की जानकारी के साथ ही स्वास्थ्य विशेषज्ञों से अनुभव शेयर करने का अवसर मिलता है। इस अवसर पर अतिरिक्त मिशन निदेशक एनएचएम राजन विशाल, संयुक्त सीईओ बीएसबीवाई आशीष मोदी, इलेट्स टेक्नोमीडिया के डॉ. रवि गुप्ता सहित विभिन्न क्षेत्रों के स्वास्थ्य विशेषज्ञ एवं डवलपमेन्ट पार्टनर्स के प्रतिनिधि मौजूद थे।