21 अक्टूबर से 51 हजार बूथों पर बूथ जिताओ भ्रष्टाचार मिटाओ अभियान शुरू करेगी कांग्रेस

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जयपुर
चुनावी तैयारियों में जुटी कांग्रेस आगामी 21 अक्टूबर से 51 हजार बूथों पर 'बूथ जिताओ, भ्रष्टाचार मिटाओ' अभियान शुरू करेगी। इसके साथ ही पार्टी जिलेवार अपना घोषणा-पत्र जारी करेगी। घोषणा-पत्र नवंबर में जारी होगा। चुनाव मैदान में जी तोड़ मेहनत कर रही कांग्रेस अब और आक्रामकता के साथ चुनाव अभियान चलाएगी। इसके लिए संभागवार केन्द्र बनाए जाएंगे। चुनावी माहौल को धार देने के लिए पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी अगले सप्ताह फिर राजस्थान के दौरे पर आएंगे। चुनाव की तैयारियों के लिए राजधानी जयपुर स्थित पीसीसी मुख्यालय में रविवार को दिनभर प्रदेश कांग्रेस के आला नेता रणनीति बनाने में जुटे रहे. रविवार को चुनाव संचालन से जुड़ी आठ कमेटियों की बैठकें हुईं। एक के बाद एक ताबड़तोड़ तरीके से हुई इन बैठकों में कई निर्णय किए गए। कमेटियों की बैठकों के बाद पीसीसी चीफ सचिन पायलट ने कहा कि चुनाव घोषणा पत्र के लिए सब कमेटियां बनाई जाएगी। ये कमेटियां जिलों में जाकर लोगों की राय लेगी और उन्हें घोषणा-पत्र में शामिल करेंगी। सरकार बनते ही घोषणा पत्र को लागू किया जाएगा। घोषणा-पत्र में किसान, बेरोजगार, व्यापारी और कर्मचारियों पर फोकस रहेगा। पीसीसी में दिन भर 8 चुनावी कमेटियों की बैठकों का मैराथन दौर चला। कांग्रेस की चुनाव अभियान समिति की बैठक में यह तय हुआ कि चुनाव अभियान में राज्य से लेकर बूथ स्तर तक आक्रामक तरीके से राज्य सरकार के खिलाफ मुद्दे उठाए जाएं, केंद्र की जगह राज्य के मुद्दों और स्थानीय मुद्दों पर चुनाव अभियान में ज्यादा फोकस रखा जाएगा कांग्रेस की 8 चुनावी कमेंटियों की बैठकों में चुनावी रणनीति पर तो मंथन हुआ ही सभी नेताओं को अभी से चुनावी काम पर लगने का टास्क दिया गया। सचिन पायलट, अशोक गहलोत, अविनाश पांडे और चारों सहप्रभारी सचिव सभी चुनावी कमेटियों की बैठकों में मौजूद रहे, इसे एकजुटता दिखाने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है। कांग्रेस ने चुनावी कमेटियों की बैठकों के बाद अब चुनाव अभियान को गति देने का काम शुरू कर दिया है। कांग्रेस के केंद्रीय नेताओं के चुनावी दौरे भी तय होंगे, केंद्रीय नेताओं के साथ ग्राउंड पर प्रचार अभियान का जिम्मा प्रदेश स्तर के नेताओं पर रहेगा। कांग्रेस अपनी चुनावी रणनीति में आक्रामक प्रचार के साथ बूथ मैनेजमेंट पर खास जोर देगी, चुनाव प्रचार में गुजरात की तर्ज पर नेता घर घर जाकर वोट मांगेंगे जिनमें बड़े नेता भी शामिल होंगे। भाजपा से मुकाबले की कांग्रेस की रणनीति कितनी कारगर होती है यह तो वोटर्स ही तय करेंगे लेकिन कांग्रेस तैयारियों के स्तर पर कोई कसर नहीं रखना चाहती।