दूरबीन लेकर ढूंढोगे तब भी देश में कांग्रेस नहीं दिखेगी: अमित शाह

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जयपुर
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि एकात्म मानववाद और अंत्योदय जैसे सिद्धान्तों के आधार पर भारतीय राजनीति को नई दिशा देने वाले पंडित दीनदयाल उपाध्याय भाजपा के पथ-प्रदर्शक थे। उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल के नाम पर धानक्या में राज्य सरकार ने जो राष्ट्रीय स्मारक बनाने का काम किया है, वहां एकात्म मानववाद और अंत्योदय पर शोध केंद्र भी विकसित किया जाना चाहिए। जहां विद्यार्थी इन दोनों महान सिद्धान्तों पर शोध एवं अध्ययन कर सकें तथा उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचा सकें। शाह बुधवार को जयपुर के पास धानक्या गांव में पंडित दीनदयाल उपाध्याय राष्ट्रीय स्मारक के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल ने एक तपस्वी की तरह राजनीति में काम किया। आज पूरे देश में उनके प्रति जिज्ञासा बढ़ी है और लोग उनके विचारों से प्रेरणा ले रहे हैं। शाह ने कहा कि केंद्र सरकार तथा राजस्थान सरकार सहित भाजपा की तमाम सरकारें एकात्म मानववाद तथा अंत्योदय के उनके सिद्धान्तों पर काम कर रही हैं। शाह ने भाजपा के वैचारिक प्रेरणा स्रोत पंडित दीनदयाल के इस स्मारक के निर्माण के लिए मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को साधुवाद दिया। समारोह में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऐसे पहले चिंतक थे, जिन्होंने आजादी के बाद देश के लोकतंत्र में आए अधूरेपन को अपनी साधना से पूरा करने का प्रयास किया। गांव और गरीब उनकी विचारधारा का केंद्र बिंदु था तथा हमारी सरकार उनके आदर्शों पर चलकर गांव और गरीब के उत्थान के लिए काम कर रही है। राजे ने कहा कि पंडित दीनदयाल ने राजनीति को नई दिशा दी। वे सिद्धांतविहीन राजनीति के खिलाफ थे। राजे ने कहा कि हमें गर्व है कि एकात्म मानववाद जैसा महान विचार देने वाले पं. दीनदयाल ने अपना बचपन तथा शुरुआती जीवन राजस्थान में गुजारा। इस अवसर पर भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री रामलाल, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अविनाश राय खन्ना, सह संगठन महामंत्री वी. सतीश, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदनलाल सैनी, केन्द्रीय युवा मामले एवं खेल राज्यमंत्री राज्यवर्द्धन सिंह राठौड़, केन्द्रीय जल संसाधन राज्यमंत्री अर्जुनराम मेघवाल, केन्द्रीय कृषि एवं कृषक कल्याण राज्यमंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, प्रदेश के गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया, उद्योग मंत्री राजपाल सिंह शेखावत, पर्यटन राज्यमंत्री कृष्णेन्द्र कौर सहित राज्य मंत्री परिषद के अन्य सदस्य, सांसद, विधायक एवं जनप्रतिनिधि भी मौजूद थे।